बदायूं। इस बार अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी पड़ने लगी है। मंगलवार को पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया। इससे सभी गर्मी से व्याकुल हो उठे। सुबह मौसम में कुछ नमी थी, लेकिन सुबह नौ बजे के बाद तापमान लगातार बढ़ता चला गया। देर शाम के बाद तापमान में कुछ कमी देखने को मिली, लेकिन गर्मी बरकरार रही। इधर, बढ़ती गर्मी से लोगों को पीने के पानी की किल्लत भी सताने लगी है।
गर्मी में पानी की खपत बढ़ने की वजह से कई इलाकों में पानी का संकट गहराने लगा है। बाजारों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर पीने के पानी का इंतजाम नहीं है। जनप्रतिनिधियों की ओर से लगवाए गए आरओ सिस्टम ठप पड़े हैं तो हैंडपंप भी रीबोर न होने की वजह से लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। अब दो दिन से तेज धूप के साथ ही जो लू शुरू हुई है उससे लोग और बेहाल हो रहे हैं। दोपहर में कोई भी घरों से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। गर्मी, तेज धूप, लू और उड़ती धूल की वजह से लोगों में संक्रामक रोग भी फैल रहे हैं।
नगर पालिका दुरुस्त नहीं करा पा रही पेयजल के संसाधन
शहर में नगर पालिका की ओर से 590 हैंडपंप लगवाए गए थे। इसमें 387 हैंडपंप ऐसे हैं जिनके रीबोर होने हैं। रीबोर न होने की वजह से वह साफ पानी नहीं दे पा रहे हैं। दूषित पानी लोगों को और ज्यादा बीमार कर रहा है। इसके अलावा जो आरओ सिस्टम लगे हैं, उनकी भी काफी समय से मरम्मत नहीं हुई है, इस वजह से किसी स्थान पर गर्मी में भी ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है।
शहर में पेयजल आपूर्ति की स्थिति
शहर में पेयजल आपूर्ति सर्दी के मानक की तरह ही गर्मी में दी जा रही है। पेयजल आपूर्ति हर व्यक्ति के हिसाब से 135 लीटर देने का प्रावधान है, नगर पालिका प्रशासन इतने पानी सप्लाई का दावा कर रहा है। इसके अलावा पेयजल सप्लाई का समय सुबह छह से आठ और शाम को भी छह से आठ बजे तक है। गर्मी में पानी की खपत बढ़ने से दो घंटे पानी की सप्लाई का समय जरूरत के हिसाब से काफी कम है।
फैक्ट फाइल
- शहर में कुल ओवरहेड टैंक - नौ
- शहर में कुल नलकूप - 25
- शहर में टंकी के कनेक्शनधारकों की संख्या - 23881
- शहर में लगे हैंडपंप - 590
जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़
दो दिन से तेज धूप, गर्मी और लू की वजह से मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, निमोनिया, सांस, डायरिया के ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। मंगलवार को भी ओपीडी में आए छह सौ मरीजों में तीन सौ से ज्यादा इन्हीं बीमारियों के मरीज थे।
जुलाई तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम
मार्च के अंतिम सप्ताह और जुलाई के पहले सप्ताह में बरसात होने की वजह से जमीन पर कई जगह पानी है। इन दिनों बारिश होने के बाद मौसम पूरी तरह से साफ हुआ तो सूरज की किरणें सीधा जमीन पर गिर रही हैं, इससे तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से आने वाले दिनों में भी तापमान बढ़ता ही जाएगा। आंधी आने पर तापमान कुछ पल के लिए कम होगा, लेकिन जुलाई तक बारिश के आसार नहीं हैं इसलिए जुलाई तक तापमान कम होने की उम्मीद काफी कम है। पिछले चार साल में देखा जा रहा है कि मानसून का समय भी एक महीने बढ़ गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल गर्मी ज्यादा रहेगी। - डॉ. आलोक कुमार गौतम, मौसम वैज्ञानिक
धूल उड़ने से फैलती हैं बीमारी
इस बार समय से पहले ही तापमान में काफी बढ़ोतरी हुई और लू भी चलने लगी है। लू के साथ धूल उड़ने की वजह से सांस की बीमारी ज्यादा बढ़ रही है। सांस के साथ-साथ इन दिनों सामान्य बुखार, निमोनिया, डायरिया के मरीज ज्यादा सामने आ रहे हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए तेज धूप में बाहर न निकलें, सामान्य पानी पीएं, हरी सब्जी, फल आदि का सेवन करें, बाहर का खाना खाने से बचें। - डॉ. दिनेश यादव, वरिष्ठ परामर्शदाता, जिला महिला अस्पताल
फोटो18बीडीएन21-गर्मी लू से बचने के लिऐ कुछ इस तरह जाती युवती।संवाद
फोटो18बीडीएन21-गर्मी लू से बचने के लिऐ कुछ इस तरह जाती युवती।संवाद
फोटो18बीडीएन21-गर्मी लू से बचने के लिऐ कुछ इस तरह जाती युवती।संवाद
फोटो18बीडीएन21-गर्मी लू से बचने के लिऐ कुछ इस तरह जाती युवती।संवाद