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बदायूं की छात्रा दिल्ली पहुंची, पिता को देखते ही आंखें भीगीं

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अपने पिता के साथ मुहिता शर्फ। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। युद्धग्रस्त यूक्रेन से निकल कर किसी तरह रोमानिया पहुंचीं मुहिता शर्फ की वतन वापसी हो गई है। बृहस्पतिवार देर शाम मुहिता की फ्लाइट ने दिल्ली में लैंड किया। उनके पिता आरिफ हुसैन भी दिल्ली पहुंच गए। एयरपोर्ट पर बेटी की आंखें उन्हें देखते ही भीग गईं। दिल्ली से पिता के साथ बदायूं आते वक्त मुहिता ने मोबाइल पर बात करते हुए यूक्रेन के साथ रोमानिया बॉर्डर और शेल्टर होम के हालात के बारे में बताया।
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शहर के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी आरिफ हुसैन की बेटी मुहिता शर्फ यूक्रेन के टरनोपिल शहर स्थित टरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा है। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद हालात बिगड़ने पर मुहिता पांच दिन पहले रोमानिया पहुंची थीं। यहां भारतीय दूतावास के शेल्टर होम में भारतीय छात्रों के साथ चार दिन से शरण लिए हुए थीं। मुहिता ने बताया कि यूक्रेन के साथ रोमानिया बॉर्डर पर भी हालात बेहद खराब हैं। शून्य से तीन-चार डिग्री नीचे तापमान में कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद उन्होंने भारतीय छात्र-छात्राओं के साथ रोमानिया बॉर्डर पार किया। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं बेहोश भी हो गए थे।
भारतीय दूतावास ने पहले से एडवाइजरी जारी की थी। वहां के हालात के मद्देनजर रखते हुए कई सुझाव दिए गए थे। उन सुझावों के साथ ही वह रोमानिया बॉर्डर पहुंचीं। खाने-पीने का कुछ सामान बैग में रखा था। रोमानिया बॉर्डर पर पीने का पानी मुहैया कराया गया तो उन्होंने एक बोतल पानी भी अपने पास रख लिया। चार दिन शेल्टर होम में समस्या नहीं हुई, लेकिन शेल्टर होम में क्षमता से ज्यादा छात्र-छात्राएं हैं। मुहिता के पिता ने बताया कि वह शुक्रवार तड़के तक बदायूं पहुंच जाएंगे।
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शादाब ने रोमानिया से दिल्ली के लिए उड़ान भरी
सहसवान के नवादा शहवाजपुर निवासी आस मोहम्मद के बेटे शादाब को भी बृहस्पतिवार को रोमानिया से दिल्ली के लिए फ्लाइट मिल गई है। शादाब ने बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे रोमानिया से दिल्ली के लिए उड़ान भरी है। रात में दो बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली पहुंच जाएगी। शादाब को रोमानिया से फ्लाइट मिलने की सूचना के बाद उनके पिता आस मोहम्मद और भाई आकिल बृहस्पतिवार देर शाम दिल्ली रवाना हो गए हैं। शुक्रवार दोपहर तक शादाब सहसवान पहुंच जाएंगे। शादाब के पिता आस मोहम्मद ने बृहस्पतिवार को बेटे की वतन वापसी की खुशी साझा की। उन्होंने बताया कि बेटे ने रोमानिया से फ्लाइट पकड़ने के साथ ही उनको सूचना दे दी थी।
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शेल्टर होम में नहीं मिली जगह, बुडापेस्ट के होटल में रुके इस्लामनगर के छात्र
बदायूं। इस्लामनगर के ओसामा, इमरान और तौहीद आलम अब पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यह तीनों छात्र हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के एक होटल में ठहरे हुए हैं। दरअसल, इन तीनों छात्रों को शेल्टर होम में जगह नहीं मिल सकी थी। तौहीद आलम, ओसामा और इमरान डेनीप्रो स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के छात्र हैं। तीनो छात्र सोमवार को डेनीप्रो से हंगरी के लिए निकले थे। कई किलोमीटर पैदल रास्ता तय करने के बाद मंगलवार को यह बार्डर पार करने में कामयाब हो गए। परिवारवालों ने बताया कि अब तीनों पूरी तरह से सुरक्षित हैं। शेल्टर होम में जगह न मिलने के कारण वह होटल में ठहरे हैं। तीनों छात्रों की जल्द वतन वापसी हो सकती है।
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बदायूं के छह छात्र, एक छात्रा की वापसी का इंतजार
बदायूं। यूक्रेन में बदायूं की दो छात्राएं और आठ छात्र फंसे थे। इनमें शहर के नाहर खां सराय निवासी अयाज अंसारी की दो दिन पहले ही घर वापसी हो चुकी है। सहसवान के शादाब शुक्रवार तड़के तक दिल्ली पहुंच जाएंगे। शहर के कबूलपुरा की मुहिता शर्फ की घर वापसी हो चुकी है। अब भी छह छात्र और एक छात्रा की घर वापसी बाकी है। बिल्सी के मोहल्ला नंबर एक की प्रतीक्षा मिश्रा, इस्लामनगर के ओसामा, इमरान, तौहीद आलम, शहर के डीएम रोड निवासी आनंद यादव, वजीरगंज के बगरैन के आकाश गुप्ता और बिसौली के सीकरी निवासी दानिश की घर वापसी का परिवार वाले इंतजार कर रहे हैं। यह सभी सुरक्षित हैं। रोमानिया और हंगरी के शेल्टर होम में शरण लिए हुए हैं।
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