प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि मौजूदा वैज्ञानिक युग में परंपरागत खेती के तरीकों को छोड़कर किसानों को नवीन वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर खेती करनी चाहिए, जिससे उनको अधिक मुनाफा प्राप्त हो। जल संरक्षण के लिए किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे उन्हें अधिक उत्पादन और लाभ मिलेगा।
गुरुवार को प्रभारी जिलाधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया उझानी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने खेतों में पोषक तत्वों की कमी को जानने के लिए मृदा परीक्षण अवश्य कराना चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा लेना चाहिए, क्योंकि बिना पंजीकरण के आगे किसी भी सरकारी योजना तथा उस पर दी जाने वाली सब्सिडी नहीं मिल सकेगी।
इस मौके पर प्रभारी डीएम ने क्राप डाइवर्सीफिकेशन परियोजना के तहत 60 किसानों को 68 लाख 30 हजार रुपये के कृषि यंत्रों का वितरण किया। इन यंत्रों पर सभी किसानों को 26 लाख 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी। उन्होंने 13 किसानों को लेजर लैंड लेबलर, नौ किसानों रोटावेटर, आठ किसानों को मल्टी क्राप थ्रेसर तथा तीन किसानों को पावर स्प्रेयर वितरित किए। बता दें कि एक लेजर लैंड लेबलर की कीमत 3.50 लाख है, जिस पर सरकार द्वारा 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है। रोटावेटर का मूल्य 1.10 लाख है, जिस पर 35 हजार और मल्टी क्राप थ्रेसर के मूल्य 1.50 लाख के सापेक्ष 40 हजार सब्सिडी मिलती है। पावर स्प्रेयर का बाजारी मूल्य तीन हजार है जिस पर सरकार द्वारा 1500 का अनुदान दिया जाता है।
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इन किसानों को मिला लाभ
बदायूं। प्रभारी डीएम से बिसौली के धर्मवीर सिंह, मुन्नी देवी, योगेश कुमार, आराम सिंह, अमर पाल सिंह, वजीरगंज के रवि कुमार सहित कुल 13 किसानों को लेजर लैंड लेबलर, वजीरगंज की माया देवी, आसफपुर के तलब सिंह सहित नौ किसानों को रोटावेटर, कादरचौक के नत्थूराम शर्मा, अंबियापुर के इसरार खान, उझानी के सत्यवीर सिंह सहित आठ किसानों को मल्टी क्राप थ्रेशर दिए जाने के साथ ही तीस कृषकों को पावर स्प्रेयर दिए जाने की स्वीकृति पत्र भेंट किए। इस अवसर पर यूपी डास्प के वीके सिंह, राय चौधरी, डॉ. वीके सिंह, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अर्जुन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।