बिजली उपभोक्ता शुक्रवार को भी बार-बार ट्रपिंग की समस्या से जुझते नजर आए। तीन घंटा का पावर कट झेलने के बाद सप्लाई मिली तो सबसे ज्यादा दिक्कत स्टेशन रोड से जुड़े फीडर के उपभोक्ताओं को हुई। यहां तक कि सिटी के तीनों फीडर ओवरलोड हो गए।
शुक्रवार को पूरे दिन की सप्लाई के शेड्यूल पर गौर करें तो बिजली निर्धारित वक्त प्रात: 10 बजे मिली। 12 बजे तक आना-जाना चलता रही, लेकिन दोपहर में ऊपर से तीन घंटे का पावर कट कर दिया गया। दो बजे सप्लाई नसीब हुई, लेकिन उपभोक्ताओं के साथ दगाबाजी का सिलसिला बरकरार रहा। हालत बदतर हुए तो उपभोक्ता उपकेंद्र तक पहुंच गए। वहां उन्हें ओवरलोडिंग की शिकायत का सामना करना पड़ा। बिजली कर्मियों ने भी अपनी दिक्कत बयां कर सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त रखने में हाथ खड़े कर दिए।
बता दें कि सिटी के तीनों फीडर एक साथ संचालित करने के लिए 10-10 एमबीए के तीन ट्रांसफार्मर उपकेंद्र पर हैं। असरासी फीडर को भी उसी के साथ संचालित रखा जाए तो ब्रेक डाउन लेना पड़ जाता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सिटी के तीनों फीडर ओवरलोड हो जाने की वजह से स्थानीय स्तर से एक फीडर को बंद कर दो की सप्लाई दी गई लेकिन वह भी जवाब दे गया। सर्वाधिक लोड स्टेशन रोड से जुड़े फीडर पर रहा। 480 एंपियर के स्थान पर 550 एंपरर का लोड पड़ते ही उसे भी बंद करना पड़ा। पूरा दिन सप्लाई की किल्लत के बीच ही गुजर गया।
स्थानीय ट्रांसमीशन सेंटर पर 20 एमबीए की दरकार
उझानी। यहां नए बने ट्रांसमीशन सेंटर से सहसवान, बिल्सी, असरासी के साथ स्थानीय उपकेंद्र की सप्लाई जुड़ी है। ट्रांसमीशन सेंटर पा जो ट्रांसफार्मर लगे हैं वे लोड के हिसाब से अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। 20 एमबीए क्षमता के ट्रांसफार्मर को दोगुने लोड का होना चाहिए। उसके स्थान पर 40 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए स्थानीय स्तर से शासन को डिमांड भी भेजी जा चुकी है लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
बिजली सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय स्तर से पूरी कोशिश की जा रही है। ऊपर से पावर कट के बाद जैसे ही सप्लाई मिलती है वैसे ही पूरा लोड डाल दिया जाता है। घरेलू उपभोक्ता लोड डालते वक्त थोड़ा संयम बरतें तो दिक्कत नहीं होगी। -सीबी लाल, एसडीओ।