कस्बे में सफाई कर्मचारी के तैनात न होने के कारण चारों तरफ
नाले-नालियां, गलियां गंदगी से पटे पड़े हैं। जिनमें घातक मच्छर पनपने के
कारण हैजा, मलेरिया, बुखार जैसी बीमारियां जन्म लेती हैं। करीब आधा दर्जन
लोग बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। करीब दो सालों से सफाई कर्मचारी दोनो
पट्टियों में तैनात नहीं हैं जबकि कस्बे के ग्रामीण प्रधानों व जिलेे के
अधिकारियों से कस्बे में सफाई कर्मचारियों को तैनात कराने की मांग कर चुके
हैं। ग्रामीणों में रोष पनपने लगा है।
क्या कहते हैं कस्बे के लोग
कस्बे
में क्यों न बीमारी फैले? जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिनसे
बड़े-बड़े घातक मच्छर पैदा हो रहे हैं, जो कस्बे में बीमारियों को बढ़ावा
दे रहे हैं।
-नवल किशोर शाक्य
आखिर कस्बे और गांवों में प्रशासन सफाई
कर्मियों को तैनात नहीं कर रहा हैं जबकि कस्बा और गांव में बीमारियां फैल
रही हैं। गांव में गंदगी ही गंदगी मौजूद है।
-मेघना शाक्य, गृहणी
पूरे
पांच साल बीतने को है लेकिन कस्बे में फैली गंदगी को खत्म कराने के बारे
में किसी ने नहीं सोचा है। अरे नेता विकास क्या कराएंगें जबकि कस्बे में एक
सफाई कर्मचारी को तैनात नहीं करा सके।
-राजेश शाक्य
कस्बे में फैली
गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। जिससे कस्बे में अब
घातक बीमारियां फैलने लगी हैं। मेवली गांव में भी बीमारी गंदगी के कारण ही
फैली थीं। प्रशासन जल्द ही कस्बे में मच्छर मार दवा का छिड़काव करा दे तो
कुछ तो सकून मिलेगा। -केएम गुप्ता