बिल्सी तहसील के गांव उघैती गर्वी के आक्रोशित किसानों ने मालवीय आवास पर आकर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि गांव के लेखपालों ने घर बैठे फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। कई ऐसे किसान हैं, जिनका नुकसान हुआ है, लेकिन उनका नाम सूची में नहीं रखा गया है। 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले काश्तकारों के नाम भी नहीं दिए हैं।
किसानों का कहना है कि कई लेखपाल ऐसे हैं, जो घर बैठे ही सूचियां बनाकर तहसील में दाखिल कर चुके हैं, जबकि वास्तविक मौसम की मार झेलकर बर्बाद हो चुके किसानों का उन सूचियों में नाम ही नहीं है। तमाम किसानों को राहत से वंचित कर दिया गया है। ऐसे किसान जिनके खेतों में भारी नुकसान हुआ है, वे भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। उनको राहत भी नहीं मिल सकेगी। किसानों ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके खेतों का वास्तविक मुआयना कराया जाए और राहत दिलवाई जाए।
प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वाले किसानों में हितेंद्र सिंह, रामौतार, बल्लू, अनेक सिंह, डोरीलाल, अनेक सिंह, शांिति, महेंद्र, रामजीमल, झंढू सिंह, लालता प्रसाद, विजेंद्र, भीकम सिंह, छोटेलाल, रामेश्वर, राधेश्याम, लालता प्रसाद, नत्थू, डोरीलाल, भेषज कुमार, मिश्रीलाल आदि शामिल रहे।