छात्रों ने रची थी पूरी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी भरत कश्यप पहले पीड़ित की दुकान पर काम करता था और आईटीआई का छात्र है। उसे व्यापारी की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। रुपयों की जरूरत होने पर उसने अपने नाबालिग हाईस्कूल छात्र साथी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
खर्च चलाने के लिए किया अपराध
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें खर्च चलाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया। घटना के बाद दोनों ने मोबाइल और चाबी को रोजा (मकबरा) के पास फेंक दिया था।
बरामदगी और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1,60,880 रुपये, स्कूटी नंबर और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई से इस घटना का खुलासा संभव हो सका।