लापरवाही पर गुस्साए डीएम, बीडीओ म्याऊं को चेतावनी
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में शनिवार को डीएम पवन कुमार के तेवर बदले नजर आए। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में रहना है तो निर्धारित अवधि में गुणवत्तापूर्ण कार्यों को करना होगा। चुनाव की लंबी अवधि के बाद सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की प्रथम बैठक होने के बावजूद भी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एके जादौन और श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरपी यादव के अनुपस्थित रहने पर डीएम ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में 6496 आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित है, लेकिन खंड विकास अधिकारियों ने अब तक लाभार्थियों का चयन कर उन्हें ऑनलाइन पंजीकृत नहीं किया है। डीएम ने एक-एक बीडीओ को खड़ा कर जमकर क्लास ली तथा निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थियों का चयन कर प्रत्येक दशा में ऑनलाइन पंजीकरण हो जाना चाहिए। ब्लाक म्याऊं के खंड विकास अधिकारी अवध प्रताप डीएम के सवालों का कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके और कार्य के प्रति उदासीनता नजर आने पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिन की मोहलत दी। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में प्रगति नहीं होती है तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। समीक्षा बैठक में डीएम के कड़े रुख से अफसरों में खलबली है। डीएम का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता वाले कार्यों में कोताही बरते वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।