बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश ने सात साल पहले हुए दहेज हत्या के सगे दो भाइयों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर दस-दस हजार का जुर्माना भी लगाया है।
इस्लामनगर कस्बा निवासी बाबू ने बिल्सी थाने में 18 मई 2018 को एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि उनकी पोती आश्वी की शादी साल 2014 में बिल्सी कस्बा के मोहल्ला तीन निवासी पप्पू पुत्र इसरार से हुई थी।
शादी के बाद से ही आश्वी का पति व उसके परिवार के लोग दहेज को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे। 17 मई 2018 को उन्हें जानकारी मिली कि पोती को उसके ससुराल वालों ने तेल छिड़ककर मार डालने की कोशिश की। इलाज का बहाना करके अस्पताल ले गए हैं। जब वह वहां पहुंचे तो आश्वी की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर जांच शुरू की। सभी साक्ष्यों को संकलित कर पप्पू और उसके भाई बिलाल, इसरार एवं नसीम बानो के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। न्यायाधीश ने शनिवार को पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एवं दलीलों को सुनने के बाद पप्पू और बिलाल को सात-सात साल की सजा सुनाई है।
वहीं, इसी मामले के दो आरोपी इसरार और नसीम बानो को दोषमुक्त कर दिया है।