विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट पंकज अग्रवाल ने हत्या की कोशिश के आरोपी दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। दोनों को सात-सात साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है।
मामला वजीरगंज थाने के गांव उरैना का है। गांव के धर्मवीर पुत्र लटूरी ने नौ जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि वह और उसके गांव के सुबीन खान साझे में खेती करते थे। फसल करने के बाद उसने सुवीन खान से हिसाब करने की बात कही। इसी बात से सुबीन खान उससे रंजिश मानने लगा। घटना वाले दिन वह खाना खाने के बाद खेत पर गया था। वहां उसे सुवीन खान, उसका भाई मुवीन और गांव का नासिर मिला। मुवीन ने उसे गालियां देते हुए कहा कि वह तकादा करके उसके भाई की बेइज्जती करता है। इसी दौरान सुवीन ने तमंचा निकाल कर उसके ऊपर फायर कर दिया। गोली सीने में लगी। इससे वह गंभीर घायल हो गया।
विद्वान न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के वकीलों की जिरह सुनने के बाद सुवीन और मुवीन को हत्या की कोशिश का दोषी पाया। दोनों को सात-सात साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।