किसान इतवारी और धर्मपाल को बदमाशों ने मंगलवार रात ही ठिकाने लगा दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के शव दो दिन से ज्यादा पुराने होने की रिपोर्ट से यही लग रहा है। वारदात को भी शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। दोनों के खेतों से सोमवार रात पंपिंग सेट भी चोरी हुए थे। ऐसे में इलाके में किसी गिरोह के सक्रिय होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
मंगलवार रात तक जब इतवारी और धर्मपाल घर नहीं लौटे तो गांव और परिवार के लोग दोनों को तलाशने खेत पर गए। यहां सब कुछ सामान्य था। धर्मपाल की आर्थिक स्थिति अच्छी है। हालांकि, इतवारी के पास सिर्फ पांच बीघा जमीन है। सोमवार को दोनों के पंपिंग सेट चोरी होने की वजह से दोनों ने मंगलवार को खेत पर ज्यादा समय दिया। इलाके के लोगों की मानें तो आसपास के गांवों में कई बार गिरोह बंद बदमाशों को देखा गया है। शायद बदमाशों के गिरोह ने ही अपहरण के बाद दोनों की हत्या की है। इधर, ककोड़ा के जंगल में मौका मुआयना करने के बाद प्रभारी एसएसपी अनिल कुमार यादव और सीओ उझानी जेएस पाटनी ने दोनों के खेत भी देखे। यहां भी पुलिस को कुछ नहीं मिला। दोनों की हत्या की कोई वजह भी सामने नहीं आ रही है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस के लिए चुनौती बनेगी मर्डर मिस्ट्री
बदायूं। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने से साफ है कि यह मर्डर मिस्ट्री पुलिस के लिए चुनौती साबित होगी। दोनों के शव सिवाया हामिदपुर से करीब तीन किलोमीटर दूर ककोड़ा के जंगल में मिले हैं। इतना तो साफ है कि इनकी हत्या करने के बाद शव यहां फेंके गए हैं। पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल रहा है। दोनों की कोई रंजिश भी नहीं थी। प्रयोगशाला से विसरा रिपोर्ट आने में भी वक्त लगेगा। ऐसे में इस मर्डर मिस्ट्री का जल्द खुलासा होना मुश्किल लग रहा है।
आठ जुलाई को तय है बहन की शादी
कादरचौक। धर्मपाल अपने परिवार में इकलौता बेटा है। परिवार में माता-पिता के साथ पत्नी सोमवती, छह वर्षीय बेटी खुशबू, चार वर्षीय ममता, तीन वर्षीय बेटा बंटी और दो वर्षीय पंकज हैं। धर्मपाल की बहन सीमा की शादी सहसवान से तय हो चुकी है। आठ जुलाई को उसकी बारात आनी है। उससे पहले ही धर्मपाल की हत्या हो गई। बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।