बदायूं। जिले में लगातार हो रही लूटपाट की घटनाओं का खुलासा करने में फेल पुलिस अब कोर्ट में सरेंडर करने वाले आरोपी की धरपकड़ में अपनी फजीहत करा बैठी। शुक्रवार को पुलिस ने आत्मसमर्पण करने आए पशु तस्करी के आरोपी मुरादाबाद के बिलारी निवासी इमरान को कोर्ट के गेट से खींचकर ले जाने की कोशिश की। ये देखकर तमाम वकीलों ने पुलिस को घेर लिया। पुलिस से हाथापाई हो गई। बमुश्किल वकीलों ने आरोपी को पुलिस के चंगुल से छुड़ाया। फिर उसे कोर्ट में सरेंडर करा दिया। आरोपी के वकील ने पुलिस के खिलाफ तहरीर दी है।
आरोपी इमरान उर्फ इलायची मुरादाबाद जिले में बिलारी थाना क्षेत्र के गांव थामला का रहने वाला है। एक साल पहले उसके खिलाफ सहसवान कोतवाली में मुठभेड़ का मामला दर्ज हुआ था। वकील वंदना कश्यप के मुताबिक सहसवान पुलिस ने उसे फरार होने वाले आरोपियों में दिखाया था। तब से इमरान पुलिस से बचता फिर रहा था। इसके बावजूद कोतवाली के एक दरोगा से उसकी रोज बात हो रही थी। दरोगा उसे कोतवाली आने को कह रहा था। जबकि इमरान ने कहा था कि वह न्यायालय में सरेंडर करेगा। शुक्रवार दोपहर इमरान कोर्ट में सरेंडर होने आया था। वकील ने सारे कागजात तैयार करा लिए थे। वह सीजेएम कोर्ट के गेट तक पहुंच गई थीं। इमरान गेट पर ही खड़ा था। उसे कोर्ट में पेश किया जाता कि इससे पहले एसओजी के सादा कपड़े पहने सिपाहियों ने उसे गेट पर पकड़ लिया। उसे जबरन न्यायालय परिसर से खींचकर ले जाने की कोशिश करने लगे। उस दौरान न्यायालय में काफी भीड़भाड़ थी। तमाम वकील मौजूद थे। उन्होंने पुलिस को आरोपी के लिए खींचकर ले जाते देखा तो पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया। वकील पुलिस से ही भिड़ गए।
सूत्रों के मुताबिक वकीलों की पुलिस से हाथापाई तक हो गई। उसके बाद वकीलों की बढ़ती संख्या देखकर पुलिसकर्मी उसे छोड़कर भाग गए। तभी वकील वंदना कश्यप ने उसे कोर्ट में पेश कर दिया। बाद में उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में वकील वंदना कश्यप ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस अधिकारियों से भी कार्रवाई की मांग की गई है।
पहले से तैयारी में थी एसओजी, खुलवा लिया था न्यायालय का पूर्वी गेट
- प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक काफी समय से न्यायालय की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इससे कोर्ट में अन्य लोगों को जाने की अनुमति नहीं है। सभी गेट पर पुलिस बल तैनात है। दोपहर के समय आरोपी को खींचकर ले जाने की कोशिश से पहले सुरक्षा कर्मियों से मिलकर कोर्ट का पूर्वी गेट खुलवा लिया था जिससे आरोपी को ले जाने में आसानी रहे। पुलिस भी सुबह से घेराबंदी में लगी थी लेकिन वकीलों के आगे एक न चली। पुलिस की सारी योजना धरी रह गई। इस दौरान सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी भी मौजूद थे लेकिन आरोपी को पकड़ने वालों में उनका नाम फिलहाल सामने नहीं आया है।
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कोई गुडवर्क दिखाना चाहती थी पुलिस
- न्यायालय परिसर से आरोपी को खींचकर ले जाने के पीछे पुलिस का क्या मकसद था ये तो पुलिस ही जाने लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि पुलिस कोई खुलासा करना चाहती थी। वकील का कहना है कि जिस तरह पुलिस ने उसे ले जाने की कोशिश की। उससे यही माना जा रहा है कि पुलिस कोई फर्जी खुलासा करना चाहती थी।
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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नामजद होंगे पुलिसकर्मी
- न्यायालय की शरण में पहुंचे आरोपी को खींचकर ले जाना कानून की दृष्टि से गलत माना जा रहा है। जिन पुलिस कर्मियों ने इस घटना को अंजाम दिया। उनकी पहचान के लिए न्यायालय में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उसी के आधार पर आरोपियों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुमान है।
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वर्जन
- कोर्ट परिसर में इस तरह की घटना की जानकारी नहीं है। पता कराएंगे कि कहीं दूसरे जिले की पुलिस तो यहां नहीं आ गई। मामले में छानबीन कराई जाएगी। - प्रवीन सिह चौहान, एसपी सिटी
न्यायालय गेट पर लगी भीड़। संवाद- फोटो : BADAUN