कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धाजंलि अर्पित करते ए
बदायूं। कारगिल विजय दिवस समारोह रविवार को जिला अधिकारी कार्यालय स्थित शहीद स्मारक वाटिका में मनाया गया। मुख्य अतिथि एडीएम (प्रशासन) अरुण कुमार रहे। संचालन ले. कर्नल संदीप सिंह, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने किया। सबसे पहले कारगिल युद्ध में पैराशूट रेजिमेंट के शहीद लांस नायक हरिओम सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की गई।
एडीएम ( प्रशासन) अरुण कुमार ने शहीद को माल्यार्पण कर उनके साहस और बलिदान को याद किया। इसके बाद उन्होंने शहीद की पत्नी वीरांगना गुड्डो देवी को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध विश्व की सबसे लंबी लड़ाई थी, जिसमें हमारी तीनों सेनाओं ने दुश्मनों को खदेड़कर देश की सबसे बड़ी जीत हासिल की। ऐसे वीर जवानों, शहीद सैनिकों और वीर नारियों को मैं हार्दिक नमन करता हूं।
खण्ड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार ने उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के निवारण का आश्वासन दिया। सूबेदार मुनेश सिंह ने पेंशन, आधार, पैन और जन्मतिथि संशोधन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बताई। उपाध्यक्ष ले. सतीश चन्द्र सिंह ने भी शहीदों के त्याग को याद किया। समारोह में करीब 100 पूर्व सैनिक और उनके आश्रित उपस्थित रहे।
एनसीसी कैडेट्स ने शहीद स्थल पर लगाए तुलसी के पौधे
बदायूं। राजकीय महाविद्यालय के 21वीं बटालियन बरेली एनसीसी यूनिट के कैडेट्स ने रविवार को कलक्ट्रेट स्थित शहीद स्थल पर जाकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कैडेट्स ने तुलसी के पौधे भी रोपे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देशभक्ति के गीत गाकर व राष्ट्रगान बजाकर कारगिल विजय दिवस की महत्ता को याद किया। एनसीसी की एएनओ डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र रक्षा का संकल्प ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया कि द्रास, तोलोलिंग, बटालिक व कारगिल जैसी कठिन पहाड़ियों पर तैनात सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करना हमारा कर्तव्य है। कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय की एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ. श्रद्धा गुप्ता, डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, उप प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ने किया। संवाद