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Budaun News: फर्जी फर्म से करोड़ों का लेनदेन, सरकार को लगाया 43.39 लाख रुपये का चूना

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उझानी। लकड़ी का व्यापार दिखाकर शवनूर ट्रेडर्स नामक फर्म ने बड़ा खेल कर डाला। कागजों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के बाद शक होने पर बरेली से राज्य कर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें व्यापारिक प्रतिष्ठान नहीं मिला। मामला 43.39 लाख रुपये की टैक्स चोरी का बना। फर्जी फर्म संचालिका के खिलाफ धोखाधड़ी कर अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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बरेली रेंज के राज्यकर अधिकारी की ओर से दर्ज धोखाधड़ी के इस मामले की भनक विभागीय अधिकारियों को जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध डाटा के विश्लेषण से लगी। छतुइया रेलवे क्रॉसिंग के पास शवनूर ट्रैडर्स के नाम से लकड़ी के कारोबार के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठान होने का दावा किया गया था।
गड़बड़ी उजागर होने के बाद राज्य कर विभाग के अधिकारी पहुंचे तो उन्हें मौके पर व्यापारिक प्रतिष्ठान नहीं मिला। आसपास के लोगों ने भी फर्म के बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया। लोगों ने अधिकारियों को यह भी बताया कि छतुइया से लकड़ी की लोडिंग और अनलोडिंग भी नहीं हुई है।
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इसके बाद शक और गहराया तो गहनता से जांच की गई। जांच में फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। पोर्टल पर फर्म के आंकड़ों से सामने आया कि वित्तीय वर्ष- 2022-23, वर्ष-2023- 24, वर्ष-2024-25 और वर्ष-2025-26 में शवनूर फर्म ने करोड़ों रुपये का व्यापार दिखाया। फर्म ने फर्जी ई- बिल भी दर्शाए हैं।
विभागीय स्तर से फर्म के फोन नंबर पर कई बार कॉल की गई तो हर बार ही उस पर इनकमिंग बंद आई। पुलिस ने फर्जी फर्म संचालिका सहसवान में सैफुल्लागंज निवासी शवनूर पुत्री शफीक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसकी विवेचना शिवकुमार मलिक को दी गई है।


फर्जी बिलिंग कर 1.68 करोड़ रुपये की कर चोरी में केस दर्ज



बदायूं। राज्य कर विभाग की जांच में फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के जरिये करीब 1.68 करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व की चोरी का मामला सामने आया है। कर चोरी के मामले में दातागंज थाने में श्रावस्ती निवासी एक फर्म संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।



दातागंज क्षेत्र की एक फर्म के जीएसटी पोर्टल डेटा के विश्लेषण में भारी अनियमितताएं मिलीं। जांच में फर्म का घोषित कारोबार और व्यापारिक प्रतिष्ठान संदिग्ध पाए गए तथा फर्म का अस्तित्व तक नहीं मिला। आरोप है कि फर्जी बिलों और कागजी लेनदेन के माध्यम से बोगस आईटीसी का लाभ लेकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद
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