प्रदेश में करीब ढाई साल बाद शुरू हुई प्रशिक्षु भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में फर्जीवाड़े का ग्रहण लगने लगा है। तीसरी काउंसिलिंग के अभ्यर्थियों का प्रदेश के जिलों से भेजे गए डेटा में करीब नौ सौ अभ्यर्थियों का डेटा स्टेट काउंसिल एजूकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के पास उपलब्ध डेटा से मिलान नहीं खा सका है। इसमें जिले में काउंसिलिंग करा चुके 13 अभ्यर्थियों का नाम भी शामिल है। डायट सूत्रों की माने तो शासन ने इस संदर्भ में डायट के लिए आदेश जारी किया है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभ्यर्थियों द्वारा मार्कशीट में हेरफेर करने का मामला हो सकता है इसलिए इनका डेटा एससीईआरटी के पास मौजूद डेटा से मिलान नहीं कर पा रहा है। यह स्थिति प्रदेश भर में पाई गई है। इसमें 13 अभ्यर्थी बदायूं में काउंसिलिंग कराए हुए हैं। बता दें कि यह सभी वह अभ्यर्थी हैं जो चयन सूची में शामिल हो चुके हैं।
बताते हैं कि चौथी काउंसिलिंग में भी इस तरह के अभ्यर्थियों के होने का अंदेशा बना हुआ है। हालांकि इनका डेटा मिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सतर्कता बरतते हुए बदायूं जिले से नौ से 14 जनवरी तक चली चौथी काउंसिलिंग का भी डेटा मांगा गया है। इसकी भी छानबीन की जा रही है।
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कुछ अभ्यर्थियों का एससीईआरटी डेटा मिलान नहीं होने की बात सामने आई है। इसे दिखवाया जा रहा है। इसमें बदायूं में थर्ड काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थियों के भी होने की उम्मीद है।
- आनंद प्रकाश शर्मा, डायट प्राचार्य