उझानी स्टेशन पर रूकी अंत्योदय एक्सप्रेस। संवाद
उझानी। बरेली- कासगंज रेलवे लाइन पर प्रतिदिन करीब एक दर्जन मालगाड़ियों की आवाजाही के बाद पिछले कुछ दिनों से कासगंज से कानपुर होकर लखनऊ आने- जाने वाली पांच ट्रेनों को यहां होकर चलाया जा रहा है। फिर भी इलाके के यात्रियों को इन ट्रेनों के संचालन का कोई फायदा नहीं होगा।
लखनऊ और कानपुर के बीच रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम पिछले कई दिनों से चल रहा है। मरम्मत कार्य की वजह से लंबी दूरी की करीब पांच ट्रेनों को कासगंज से कानपुर की बजाय कासगंज से बदायूं, बरेली होते हुए लखनऊ को भेजा जा रहा है। लंबी दूरी की इन ट्रेनों में अंत्योदय, हमसफर, भगालपुर- मथुरा और साबरमती एक्सप्रेस शामिल हैं। अंत्योदय एक्सप्रेस बांद्रा टर्मिनल से गोरखपुर के बीच चलती है। करीब डेढ़ महीने तक इसी वैकल्पिक रूट पर चलने वाली इन एक्सप्रेस ट्रेनों का कासगंज से लेकर बरेली तक के प्रमुख स्टेशन पर ठहराव नहीं है। इलाके के व्यापारियों में अवधेश वर्मा ने बताया कि एक्सप्रेस ट्रेनों का बदायूं और उझानी में ठहराव हो जाए तो लंबी दूरी का सफर आसान हो जाएगा। स्कूली छुट्टियों के दिनों में बच्चों के साथ सफर के लिए बरेली और कासगंज जाकर सफर शुरू नहीं करना पड़ेगा।
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चार जोड़ी पैसेंजर समेत 12 ट्रेन का है ठहराव
- उझानी होकर करीब डेढ़ दर्जन ट्रेनों की आवाजाही है। इनमें काशीपुर- कासगंज, कासगंज- टनकपुर, कासगंज- लालकुआं और कासगंज- पीलीभीत चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेन के अलावा एक जोड़ी पैसेंजर में बरेली- कासगंज नियमित हैं। मथुरा कैंट- टनकपुर और आगरा फोर्ट एक्सप्रेस नियमित नहीं है। इसके अलावा बांद्रा- रामनगर और काठगोदाम एक्सप्रेस का सप्ताह में एक बार है, लेकिन व्यापारियों के आवाज उठाने के बाद भी लंबी दूरी की इन दोनों ट्रेनों का उझानी में ठहराव शुरू नहीं हो पाया है।
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ट्रैक बढ़ने से अढ़ौली फाटक पर लगता है जाम
- उझानी रेलवे स्टेशन के नजदीक अढ़ौली फाटक पर राहगीरों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। मालगाड़ियों समेत ट्रेनों की संख्या में इजाफा के बाद मंगलवार को भी बार- बार फाटक बंद होने से परेशानी हुई। खासकर शाम सात बजे के करीब तो फाटक लगातार करीब आधा घंटे तक बंद रहता है। उस दौरान दो ट्रेनों के अलावा मालगाड़ियां भी निकलती हैं। अंडरपास निर्माण के लिए रेलवे के अफसर पैमाइश भी करा चुके हैं, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।