बदायूं। शुक्रवार को आसफपुर, उसावां, सालारपुर ब्लॉक के समूह की महिलाओं को बयान दर्ज करने के लिए सीडीओ कार्यालय बुलवाया गया। सीडीओ ने अपने सामने महिलाओं के बयान दर्ज किए। समूह की महिलाओं ने बताया कि उन्हें ट्रेनिंग के लिए शहर के एक होटल में रोका गया। तीन ब्लॉकों की महिलाओं के लिए एक-एक कमरा मुहैया कराया गया, लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक होने की वजह से महिलाओें को रात हॉल में जमीन पर लेटकर गुजारनी पड़ती थी।
विकास भवन में स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यालय में जब से सीडीओ ने छापा मारा है तो उसके बाद से उसमें छिपे घोटाले उजागर होने लगे हैं। धीरे-धीरे घोटालों और अव्यवस्थाओं की परत खुलने लगी है, जिसके एनआरएमएल के जिला मिशन प्रबंधक तकसीर, अवेश समेत ब्लॉक मिशन प्रबंधकों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को सीडीओ ने आसफपुर, उसावां और सालारपुर की समूह की महिलाओं को यहां बुलाया। समूह की महिलाओं का दोपहर बाद में आना शुरू हो गया। सीडीओ ने एक-एक करके सभी ब्लॉकों की महिलाओं से बात की। पहले उनसे एनआरएलएम की ओर से चल रही योजनाओं की जानकारी ली, फिर ट्रेनिंग के बारे में पूछा कि उन्हें ट्रेनिंग कब और कहां दी गई, उन्हें ट्रेनिंग के दौरान क्या खाने में दिया गया, कहां रोका गया। इस पर समूह की महिलाओं ने बताया कि उन्हें शहर के एक होटल मेें प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया। पांच दिन की ट्रेनिंग दी गई थी। हर ब्लॉक से समूह की 30 से 35 महिलाओं आईं थीं। एनआरएमएल के जिला मिशन प्रबंधकों की ओर से हर ब्लॉक की महिलाओं के रुकने के लिए एक-एक छोटा कमरा बुक कराया गया था। उन कमरों में एक-एक बेड़ पड़ा था। जिन पर 30 से 35 महिलाओं का रुक पाना संभव नहीं था। मजबूरन समूह की महिलाओं को हॉल में जमीन पर लेटकर रात काटनी पड़ी थी, साथ ही नाश्ते के नाम पर भी खाना पूर्ति की जाती थी।
संलिप्त कर्मचारी रहें कार्रवाई को तैयार
-जिस प्रकार से सीडीओ के तेवर नजर आ रहे हैं, उससे साफ जाहिर है कि एनआरएलएम घोटाले से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी सीडीओ के कोप से बच नहीं पाएंगे। सीडीओ के स्तर से लगातार छोटी से छोटी बात की भी मॉनीटारिंग की जा रही है, ताकि कोई भी प्वाइंट अछूता न रह जाए।
कुछ देर के लिए खोला गया सील कमरा
-सीडीओ निशा अनंत ने दो जुलाई को एनआरएलएम कार्यालय में छापा मारा था, जिसके अभिलेखों में गड़बड़ी मिलने पर देर शाम दफ्तर को सील कर दिया गया था। वहीं शुक्रवार की दोपहर में सील दफ्तर को खोला गया। दफ्तर के अंदर से उपस्थिति रजिस्टर, कंप्यूटर और कुछ पत्रावलियां निकाली गईं, ताकि विभाग को जो काम मौजूदा समय में चल रहा है, वह जारी रहे।
समूह की महिलाओं को विकास भवन बुलाया गया था, उनसे ट्रेनिंग के विषय में पूछताछ की गई, जिसके बाद पता चला कि वहां कैसी अनियमितताएं बरती गईं। फिलहाल जांच जारी है, सबसे बात करके जानकारी ली जा रही है।
निशा अनंत, सीडीओ