आरोपी ने खुद को दर्शाया किसान का नाती
सत्यदेव ने बताया कि वह रवेंद्र नाम के व्यक्ति को जानते ही नहीं हैं। वह न तो उनके गांव का है और न ही उनकी जाति-बिरादरी का। वह उनका रिश्तेदार भी नहीं है लेकिन तहसील में लगाए गए अभिलेखों से पता चला कि वह फर्जी तौर पर उनका नाती बन गया। उन्हें मृत दर्शाने के बाद आरोपी ने फर्जी वसीयत लगाकर उनकी सारी जमीन अपने नाम करा ली।
आरोप है कि तहसील कर्मचारियों की भी मामले में मिलीभगत है। काफी भागदौड़ के बाद करीब तीन साल बाद उन्होंने खुद को जीवित साबित किया। इसके बाद अपने नाम जमीन करवाई। अब उन्होंने आरोपी रवेंद्र के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।