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जीत के द्वार तक पहुंचने को खिंची ‘सियासी तलवार’

Sun, 21 Feb 2016 07:26 PM IST
बदायूं
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विधान परिषद सदस्य पद के लिए मतदान तीन मार्च को होगा। इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आतुर हैं। पिछली बार के अनुभव को देखते हुए सपा उम्मीदवार बनवारी सिंह यादव जहां सतर्क हैं, वहीं भाजपा में आए पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव कोई कोरकसर बाकी नहीं रखना चाहते। दोनों उम्मीदवारों के बीच ही संघर्ष है, तो वोटरों को अपने खेमे में करने के लिए धुआंधार संपर्क किया जा रहा है। दोनों ही दलों में जीत का द्वार पार करने के लिए सियासी तलवार भी खिंच गई हैं।
प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत में इकतरफा मुकाबलों में विपक्षी दलों को करारी शिकस्त दी थी। एमएलसी के चुनाव में भी सपा को यही सफलता दोहराने की उम्मीद थी, लेकिन ऐन वक्त भाजपा ने कई जिलों में उम्मीदवार उतार कर राह में रोड़े डाल दिए। हालांकि सपा ने कई जिलों में लॉबिंग कर भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया। सपा के तमाम उम्मीदवार निर्विरोध हो गए, लेकिन इस जिले में ये मंशा पूरी नहीं हो सकी। यहां चुनाव से पूर्व बसपा से निष्कासित पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव ने भाजपा का दामन थामकर सपा की राह मुश्किल हर दी। जिस चुनाव को सपा पहले हल्के में ले रही थी, अब नेताओं को इस पर मशक्कत करनी पड़ रही है। आसान दिख रही राह में रुकावट सी आ गई है। सो सपा खेमे में मंत्रणा के साथ रणनीति तैयार की जा रही है। सांसद, विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष वोटरों पर नजरें गड़ाए हैं।  
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भाजपा के पास इस चुनाव में खोने के लिए कुछ नहीं है। पार्टी ने ऐन वक्त मिले जितेंद्र पर दांव लगाकर अपनी साख को बचाने का प्रयास किया है। बताते चलें कि पहले भाजपा ने पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक को चुनाव लड़ाने के संकेत दिए थे। उनका टिकट लगभग फाइनल भी था, लेकिन सपा की सरकार में पूर्व विधायक ने चुनाव लड़ना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने अपने सिपहसालारों से मंत्रणा करने के बाद ये चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया, ऐसे में नामांकन से दो दिन पहले तक भाजपा के पास कोई सक्षम उम्मीदवार नहीं दिख रहा था, जो सपा को टक्कर दे सके। ऐन वक्त पर जितेंद्र यादव से संपर्क किया गया, तो यादव ने भी मौका लपकने में कोई देरी नहीं लगाई। आनन-फानन में जिला मुख्यालय पर ही जितेंद्र को पार्टी में शामिल कर अगले दिन उनका नामांकन भी करा दिया गया। एक चुनाव जीत चुके जितेंद्र पुराने पैंतरों के साथ चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं सपा जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव इस बार पूरे दमखम के साथ सीट अपने नाम करने को आतुर हैं।
सपा कर रही प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग
बदायूं। भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य आरोप लगा रहे हैं कि सपा सत्ता के दबाव में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। वोटरों को पुलिस के जरिए धमकाया जा रहा है। धन और बाहुबल का भी इस्तेमाल हो रहा है। कई जगह बीडीसी मेंबर और उनके रिश्तेदारों को पुलिस ने धमकाया है। इसकी शिकायत उन्होंने निर्वाचन आयोग से कर दी है।
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हताश भाजपा अब बौखला गई है
बदायूं। सपा जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव इन आरोपों को दरकिनार करते हुए इसे भाजपा की हताशा करार दिया। उनका कहना है कि भाजपा का अब कोई जनाधार नहीं रह गया। ये सांप्रदायिक ताकतें हर मोर्चे पर विफल हो चुकी हैं, तो अब ये बौखला गए हैं। खिसयानी बिल्ली खंभा नोचने वाली कहावत को ये चरितार्थ कर रहे हैं।
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