बदायूं। थाना क्षेत्र के गांव कटिया के जंगल में तेंदुआ देखे जाने और पगचिह्न मिलने से आसपास के कई गांवों में खासी दहशत है। रविवार को भी वन विभाग की दो टीमों ने ककराला से कादरचौक के गंगा के तटवर्ती इलाकों तक कांबिंग की, लेकिन तेंदुआ कहीं नहीं दिखा। इधर, तेंदुआ पकड़ने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व से पिंजरा मंगाया गया है। हालांकि अभी पिंजरा लगाया नहीं गया है। पहले तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश है।
ककराला के वार्ड नंबर 22 निवासी नूरूल पर शुक्रवार को खेत पर तेंदुआ ने हमला कर दिया था। वन विभाग की स्थानीय टीम ने कांबिंग करने के साथ नूरूल से भी पूछताछ की थी। उसके जख्मों का मुआयना करने के बाद हमला करने वाला जानवर लकड़बग्घा बताया था। जबकि नूरूल तेंदुआ होने की बात कह रहा था। शनिवार को वन संरक्षक बरेली जावेद अख्तर व डीएफओ ईशा तिवारी ने कांबिंग की तो तेंदुआ के पगचिह्न मिले। इसके बाद से तेंदुआ की तलाश जारी है। तेंदुआ किस इलाके में ज्यादा समय बिता रहा है वन विभाग कांबिंग कर इसका पता लगाने में जुटा है। इसके बाद ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। रविवार को टीम ने कटिया, आसफपुर, फरीदपुर, नौली, झझरमऊ, अली नगला, टिकाई, टिकाई पुख्ता आदि गांवों में कांबिंग के साथ प्रधानों से संपर्क कर गांवों में सतर्कता संबंधी पोस्टर भी चस्पा किए। इधर, गांवों में दहशत है। खेती किसानों की काम ठप सा हो गया है। तेंदुए की तलाश में दो टीमों लगाइ गई हैं, जो 12-12 घंटे निगरानी रखेंगी। टीम ए के प्रभारी महफूज मियां और टीम बी के प्रभारी अमित कुमार सोलंकी हैं।
दस अधिकारियों की दो टीमों को लगाया गया है। शनिवार और रविवार को 15 किमी से ज्यादा इलाके में कांबिंग हो चुकी है। अभी तेंदुआ दोबारा से नहीं दिखा है। टीमें अपना काम कर रही है। ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा मंगा लिया गया है।
- ईशा तिवारी, डीएफओ