बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में रोडवेज बस के चालक और परिचालक की लापरवाही से एक तीन वर्षीय मासूम की जान चली गई। कादरचौक से सवार महिला कासगंज अपने मायके जा रही थी। उसकी गोद में एक मासूम बच्चा था, जबकि वह तीन वर्षीय बेटे रोहन को पायदान पर पकड़े खड़ी थी। उसे सीट तक उपलब्ध नहीं कराई गई। चालक के ब्रेक लेने पर महिला के हाथ से बालक छूट गया और उसकी बस से कुचलकर मौत हो गई।
एक बच्चा महिला की गोद में था, दूसरे का हाथ पकड़े थी
कासगंज जिले के बहेरा थाना क्षेत्र के गांव घबरा निवासी नीरज पत्नी महीपाल शुक्रवार शाम करीब पांच बजे कादरचौक चौराहे से रोडवेज बस में सवार हुई थी। उसके परिवार वालों के मुताबिक महिला का मायका सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव अन्नी में है। वह शुक्रवार शाम अपनी पंद्रह दिन की बेटी और तीन वर्षीय बेटे रोहन को लेकर मायके से ससुराल जा रही थी। वह कासगंज जा रही रोडवेज बस के पायदान पर अपनी बच्ची को गोद में लेकर खड़ी थी जबकि दूसरे हाथ से बेटे को पकड़े हुए थी।
अचानक ब्रेक लगाने पर हाथ से छूटा बच्चा
बस कादरचौक चौराहे से आधा किलोमीटर दूर मंदिर से आगे पहुंची थी। तभी अचानक चालक के ब्रेक लगाने पर नीरज के हाथ से बालक का हाथ छूट गया और वह बस के नीचे आ गया, जिससे कुचलकर बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला के शोर मचाने पर चालक ने बस रोकी। सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत बालक को जिला अस्पताल भेज दिया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिवार वालों ने चालक और परिचालक पर सीट न देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। रोडवेज बस सवारियों को लेकर कासगंज चली गई। पुलिस ने बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।