उझानी। कोतवाली क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न के तीन मामलों में पुलिस ने 15 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने गर्भवती महिला का भी नहीं बख्शा। उसे भी मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।
गांव संजरपुर निवासी सत्यवीर की शादी करीब दो साल पहले बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी शोभा के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद पति समेत ससुरालियों ने शोभा का दो लाख रुपये, सोने की चेन और अंगूठी के लिए उत्पीड़न किया। गर्भवती शोभा की पिछले दिनों पिटाई की गई। पिटाई से घायल शोभा ने मायके जाकर पिता सुरजीत को अवगत कराया। पुलिस ने सुरजीत की तहरीर पर सत्यवीर, उसके पिता बाबूराम, सास विमला, ननद गुड्डी और जेठ अमर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दहेज उत्पीड़न के ही एक मामले में अहमद नबी ने पत्नी नशरीन को बाइक की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया। नशरीन ने अपने मायके बरसुआ जाकर मां जाहिरा को घटना से अवगत कराया। बेटी को साथ लेकर शुक्रवार शाम कोतवाली आई मां जाहिरा ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने नशरीन के पति अहमद, सास जाफरीन, ससुर शमशेर, ननद शबाना, आसमां और हमशीरन समेत जेठ दुन्नवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि शादी के दौरान अहमद को उसकी मांग के अनुरूप दहेज दिया गया था।
इसके अलावा नझियाई मोहल्ला निवासी मुश्ताक ने बेटी रुखसाना को दहेज में पांच लाख रुपये और बाइक के लिए परेशान और पीटने का आरोप लगाते हुए पुलिस शुक्रवार दोपहर पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी उन्होंने पिछले साल कासगंज जिले में सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव मौजमपुर निवासी साहिल के साथ किया था। उसे तीन महीना पहले भी परेशान किया गया। तब मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई थी। पुलिस ने पति के अलावा हसीब, गुलशन और देवर सोहेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।