खंडवा में लगा स्वास्थ्य शिविर। स्रोत: स्वास्थ्य विभाग
बदायूं। मूसाझाग क्षेत्र के मचलई गांव के तीन लोग डेंगू की प्राथमिक जांच में संदिग्ध पाए गए। इस पर उनका सैंपल लेकर एलाइजा टेस्ट के लिए लैब भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी। वहीं, टिकलापुर गांव में मलेरिया के पांच मामले मिले हैं। सभी का स्वास्थ्य टीम इलाज कर रही है।
मचलई गांव में पिछले 10 दिनों से कई लोग बीमार हैं। कोई बदन दर्द से तो कोई बुखार से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया तो 35 से ज्यादा मरीजों में बुखार मिला। मलेरिया और डेंगू के लक्षण मिलने पर सभी लोगों की किट से जांच की। उसमें अधिकतर निगेटिव थे। पांच लोगों में डेंगू पाया गया। विभाग इसे संदिग्ध मान रहा और कंफर्म करने के लिए एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज भेजा है। इसी तरह टिकलापुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया तो वहां पर 55 मरीजों की जांच की गई तो उनमें बुखार पाया गया। इन सभी की मलेरिया जांच हुई तो वह पॉजिटिव मिला। विभाग ने इसे भी कंफर्म करने के लिए लैब में सैंपल भेजा है। हालांकि लक्षणों के आधार पर टीम ने दवा देकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, अब तक जिले में डेंगू के छह केस मिल चुके हैं।
खंडवा में लगाया शिविर, दी दवाएं
सहसवान क्षेत्र के खंडवा में बुखार फैले होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया। यहां पर उन्होंने 20 बुखार पीड़ित, बदन और घुटनों में दर्द के मरीजों को दवा दी।
तालाब में गंदगी, डीपीआरओ को भेजा जाएगा पत्र
मचलई गांव के तालाब में बहुत ज्यादा गंदगी जमा है। इस वजह से दिनभर मच्छर भिनभिनाते रहते और रात होते ही ग्रामीणों को काटते हैं। ऐसे में कई ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। इसको देखते हुए विभाग की ओर से डीपीआरओ को तालाब साफ करने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
गांवों में जागरूकता के लिए टीमें लगी हुई हैं। जहां भी बीमारी को सूचना मिल रही, वहां तत्काल टीम भेजकर उपचार कराया जा रहा है। लोगों से अपील है कि घर के आसपास साफ-सफाई करने की अपील की। -डाॅ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ