फैक्टरी परिसर में जुटी लोगों की भीड़
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लोगों का गुस्सा देख तीन थानों की पुलिस बुलानी पड़ी
इस मामले के बाद देखते ही देखते तीन गांवों से सैकड़ों की तादाद में लोगों की भीड़ फैक्ट्ररी परिसर में पहुंच गई। मृतकों के परिजन भी रोते- बिलखते पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का गुस्सा देख मुजरिया, सहसवान व उझानी पुलिस को मौके पर बुला लिया गया। भीड़ के सामने पुलिस कम पड़ गई। मौके पर सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने परिजनों को समझाया। इसके बाद लोग शांत हुए।
नीलामी प्रक्रिया में चल रही थी फैक्टरी
फैक्टरी की नीलामी होनी थी। इसी महीने में उसकी नीलामी का समय बताया जा रहा है। 21 मई 2025 को आग लगने के बाद फैक्टरी बंद थी। अब इस घटना के बाद लोगों ने तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कोई हत्या की बात का समर्थन कर रहा है तो कोई कमरे में दम घुटने से मौत होने की बात कहता नजर आ रहा है।
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पैनल में शामिल डॉक्टर पर परिजनों ने जताई आपत्ति, बदला
तीनों के शवों के पोस्टमॉर्टम कराने के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। इसमें एक डॉक्टर को देखते ही परिवार के लोगों ने आपत्ति जता दी। इसके बाद एसएसपी के आदेश पर तत्काल डॉक्टर को बदलवा दिया गया। परिजनों की सहमति के बाद ही पैनल तैयार कर पोस्टमॉर्टम शुरू कराया जा सका।
डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम की गठित
डीएम अवनीश राय ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। जांच टीम में एडीएम एफआर डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम सदर, मोहित कुमार व सीओ उझानी देवेंद्र कुमार को शामिल किया गया है। इस घटना में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अंगीठी के धुंए से मौत की आशंका
एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर फैक्टरी मालिक व अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। जिस कमरे में तीनों गार्ड थे उससे एक परात बरामद हुई, जिसमें राख मिली है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि धुएं से ही दम घुटने से तीनों की जान चली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का करण पता लग सकेगा।