बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक की अदालत ने 18 साल पुराने हत्या का प्रयास करने के मामले में दो भाइयों समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, संभल जिले के थाना गुन्नौर के गांव हरगोविंदपुर निवासी हरिशंकर ने पांच फरवरी 2007 में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि तीन फरवरी की शाम गांव के ही करन सिंह ने उसके बेटे अजय को पीट दिया था। इसी बात को लेकर करण सिंह, भोले उर्फ नौबत सिंह पुत्रगण मनोहर सिंह, नेपाली उर्फ कुंवर पाल पुत्र भारत सिंह निवासी दबथरा उसके घर पर असलहे लेकर आ गए।
करन सिंह ने तमंचे से उसके भाई हरेशपाल के ऊपर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली भाई के पेट में लगी। अन्य लोगों ने भी फायरिंग की। तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर विवेचना शुरू की। सभी साक्ष्यों को संकलन करके करन सिंह, भोले उर्फ नौबत सिंह पुत्र गण मनोहर सिंह एवं नेपाली उर्फ कुंवर पाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर व दलीलों को सुनने के बाद तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए सात-सात साल की कैद एवं दस-दस हजार का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।