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Budaun News: हड्डी रोग वार्ड में पंखे बंद, पूरी रात मच्छरों से जूझते हैं मरीज

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बदायूं। जिला अस्पताल के हड्डी रोग वार्ड में अव्यवस्थाओं का अंबार है। वार्ड के अंदर कई पंखे खराब पड़े हैं। भर्ती मरीजों की रात मच्छर भगाने में ही बीत जाती है। कई मरीज वार्ड में क्वाइल भी जलाते हैं, लेकिन वह भी मच्छरों को भगाने में नाकाफी साबित होती है। बेड के पास रखी टेबल पर भी गंदगी रहती है। इतनी अव्यवस्था के बीच डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक हर दिन बेहतर सुविधा व इलाज करने का दावा करते हैं।
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हड्डी रोग वार्ड में 25 बेड पड़े हैं। मंगलवार को सभी बेड पर मरीज लेटे हुए थे। किसी का हाथ टूटा था तो किसी का पैर। किसी भी बेड पर साफ चादर नहीं थी। चादर की हालत देखकर लग रहा था कि उसे बदले एक सप्ताह से अधिक समय हो गया होगा। इसके अलावा बेड नंबर 14 के पीछे का हिस्सा टूटा हुआ था। इस पर मरीज भी भर्ती था।
सभी मरीजों के बेड के बगल में रखी टेबल का हाल बहुत बुरा था। किसी पर चाय के दाग तो किसी पर धूल जमा थी। बेड नंबर 15 में भर्ती निखिल ने बताया कि 20 मार्च को अस्पताल आए थे। तब से बेड के ऊपर लगा पंखा चल नहीं रहा है। कई बार स्टाफ के लोगों को इस बात की जानकारी दी, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया।
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मरीजों ने शिकायत कि रात में मच्छर ज्यादा काटते हैं। इस वजह से मच्छर मारने वाली क्वाइल जताते हैं, लेकिन कमरा बड़ा होने के कारण वह भी कुछ खास असर नहीं दिखा पाती। इसी तरह बेड नंबर दो और चार के ऊपर लगा पंखा भी चल नहीं रहा था। वहां खड़े शिवम कुमार ने बताया कि दो दिन से पंखा खराब है। बेड के चादर भी काफी गंदे हैं। उन्होंने बताया कि मरीजों के पास तकिया भी नहीं है।

वार्ड के अंदर ही चलता है दिव्यांग बोर्ड
हड्डी रोग वार्ड के अंदर ही हड्डी रोग विशेषज्ञ हर सोमवार को दिव्यांगों को परीक्षण करते हैं। इस वजह से यहां बहुत भीड़ लगती है। हाल यह हो जाता है कि परीक्षण के लिए आए दिव्यांग भर्ती मरीजों के बेड तक पर बैठ जाते हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने की भी आशंका रहती है।

डिप्टी सीएम के निर्देश भी बेअसर
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने छह माह पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वार्ड में साफ-सफाई बेहतर होनी चाहिए। मरीजों की सुविधा के लिए साफ चादर व उन्हें तकिया दी जाए, लेकिन जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में इन निर्देशों का कोई पालन नहीं होता।

हड्डी रोग वार्ड में अव्यवस्था के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वार्ड का निरीक्षण कर कमियों को दूर किया जाएगा। अगर पंखे बंद हैं तो उन्हें दिखवाया जाएगा। इसके अलावा मच्छर मार दवा का भी छिड़काव कराया कराया जाएगा। -डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस
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