बदायूं। आठ साल पुराने हत्या के मामले में तीन आरोपियों को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कुमारी रिंकू ने दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास के साथ ही 80-80 हजार रुपये बतौर जुर्माना लगाया है।
सिविल लाइंस क्षेत्र के रहने वाले शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी उमेश चंद्र रस्तोगी ने 14 अक्तूबर 2018 को तहरीर दी थी। बताया था कि उनकी पत्नी अरुणा रस्तोगी घर पर अकेली थीं। उनका बेटा नितिन व बहू पूजा एक समारोह में शामिल होने कासगंज के मारहरा गए हुए थे। जनरल स्टोर की दुकान पर नौकरों के साथ वह अकेले ही थे। शाम को लगभग छह बजे घर पर काम करने वाली महिला प्रिया पहुंची। उसने पत्नी अरुणा को फर्श पर घायल अवस्था में तड़पते हुए देख बेटे को सूचना दी। बेटे ने फोन कर मुझे जानकारी दी। सूचना मिलते ही घर आया तो पत्नी रसोई में खून से लथपथ पड़ी थीं।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लूट के बाद महिला की हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की है। शक के आधार पर पुलिस ने नौकर शिवम मौर्य को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपराध करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने साथी सोनू मौर्य व दिलीप मौर्य के साथ मिलकर रुपयों की खातिर अपने दुकान के मालिक की पत्नी हत्या कर दी और 20 लाख रुपये की रकम लेकर भाग गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 अक्तूबर 2018 को उनकी निशानदेही पर सोनू के मकान से 20 लाख रुपये बरामद कर लिए। वहीं चाकू व जले कपड़े भी बरामद कर लिए।
विवेचक ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया, अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद तीनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।