बदायूं में 20 महीने पहले बेटी व उसके प्रेमी की हत्या के मामले में मृतका के माता-पिता और दादा को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने दोषी करार दिया है। तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली के रहने वाले सूरजपाल ने दो जनवरी 2024 को तीन लोगों के खिलाफ बेटे व उसकी प्रेमिका की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनके बेटे जयपाल का गांव के ही महेश की बेटी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह बात दोनों ही परिवारों को मालूम हो गई थी।
फावड़े से काटकर की थी हत्या
बेटे को समझा दिया था। साथ ही महेश से भी अपनी बेटी को समझाने की बात कही गई थी। इसके बाद भी दो जनवरी 2024 को महेश ने अपने पिता रामौतार व पत्नी भागवती के साथ मिलकर प्रेमी जयपाल व अपनी बेटी की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने शुरू की।
आरोपियों को जेल भेजकर घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए मात्र 16 दिन में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। थाने के पैरोकार संजीव कुमार ने मामले की पैरवी की, जिसके फलस्वरूप सोमवार को न्यायाधीश ने तीनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।