वजीरगंज/रहेड़िया। बाइक लूट के इरादे से हुई मुकेश की हत्या के मामले में मंगलवार को वजीरगंज पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने रामपुर जिले के तीन अभियुक्तों की निशानदेही पर लूटी गई बाइक बरामद कर ली है। तीनों से पूछताछ की गई। हत्या स्वीकार करने के बाद पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है, लेकिन पुलिस को 12 दिन की छानबीन के बाद भी मुकेश का शव रामगंगा से बरामद नहीं हुआ है। मुकेश का शव तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
वजीरगंज इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में मुख्य अभियुक्त रामपुर जिले के शाहबाद थानाक्षेत्र के गांव नथपुरा निवासी लालाराम ने बताया कि उसकी बड़ी बहन मानवती की ससुराल वजीरगंज क्षेत्र के गांव मालिन गौटिया में है। इस वजह से उसका मालिन गौटिया में आना-जाना था। इस वजह से लालाराम के मालिन गौटिया के मुकेश से अच्छे संबंध थे।
मुकेश परिचित होने के चलते लालाराम पर विश्वास करता था। मुकेश ने तीन महीने पहले ही एक नई बाइक खरीदी थी। सात अगस्त को लालाराम मालिन गौटिया गांव आया। यहां उसने मुकेश से नई बाइक की दावत मांगी। इस पर मुकेश राजी हो गया। लालाराम शाम के समय मुकेश को अपने साथ फैजगंज बेहटा के गांव सीरकी अपने बहनोई नेम सिंह के यहां ले गया। यहां कुछ देर ठहरने के बाद वह मुकेश को रामपुर जिले के शाहबाद थानाक्षेत्र के अपने गांव नथपुरा ले गया।
इसी बीच लालाराम के मन में मुकेश की नई बाइक लूटने का लालच आ गया। लालाराम शराब के नशे में मुकेश को ओसी गांव अपने मित्र अमीर अहमद के पास ले गया। जहां लालाराम ने अमीर अहमद से और शराब मंगवाई। मुकेश को अधिक शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया। इसके बाद लालाराम, अमीर अहमद और आसिफ ने बाइक लूटकर बेचने के रुपयों को बांटने की योजना बनाई।
आठ अगस्त की सुबह तीनों अभियुक्त योजना के तहत मुकेश को रामगंगा नदी के पुल पर ले गए। जहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव गंगा में फेंक दिया। पुलिस ने मंगलवार को हत्यारोपी लालाराम, अमीर अहमद और उसके बेटे आसिफ को मय बाइक के गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुकेश के शव को एसडीआरएफ टीम रामगंगा में तलाश कर रही है।
मुकेश। फाइल फोटो