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तीन और किसानों ने सदमे में दम तोड़ा

Wed, 22 Apr 2015 11:45 PM IST
badaun
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जिले में किसानों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चौबीस घंटे में बिसौली, इस्लामनगर और उसावां में तीन किसानों की मौत के साथ संख्या 38 हो गई है। बेमौसम बारिश से फसलों की बर्बादी के बाद किसानों को जो मुआवजा मिल रहा है वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। ऐसे में किसान या तो मौत को लगे लगा रहा है या फिर सदमे में उसकी जान जा रही है।
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उसावां। कस्बे के वार्ड नंबर चार निवासी नेम सिंह यादव (65) के पास डेढ़ बीघा जमीन है। उन्होंने 15 बीघा जमीन बंटाई पर ली थी। इसमें गेहूं की फसल थी। बेमौसम बारिश में फसल बर्बाद हो गई थी। मंगलवार की शाम वह खेत पर गेहूं निकलवाने गए थे। छह बीघा खेत में उम्मीद से काफी कम गेहूं निकले। इससे उनको सदमा लगा। सीने में दर्द उठा और वह गश खाकर गिर पड़े। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। इसमें मौत की वजह हार्टअटैक बताई गई है।
बिसौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव परसिया में फसल की बर्बादी देखकर किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। गांव निवासी जयपाल गौतम (60) के पास बीस बीघा जमीन है। उनके केसीसी पर दो लाख रुपया कर्जा भी है। बारिश में उनकी फसल बर्बाद हो गई थी। बुधवार को वह खेत पर गेहूं निकलवाने गए। वहां फसल की दुर्दशा देखकर उनकी हालत बिगड़ गई। आसपास खेतों में काम कर रहे किसान उनको घर पर लाए। यहां उनकी मौत हो गई। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। जयपाल के तीन पुत्र हैं। तीनों दिल्ली में नौकरी करते हैं।
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इस्लामनगर। थाना क्षेत्र के गांव ब्योर कासिमाबाद में किसान पुष्कर शर्मा (56) की हार्टअटैक से मौत हो गई। पुष्कर के पास दस बीघा जमीन है। इसमें गेहूं की फसल थी। मंगलवार को उन्होंने खेत पर गेहूं निकलवाए। दस बीघा खेत में सिर्फ सात क्विंटल गेहूं निकले। रात में वह घर आ गए। उनके सीने में दर्द उठा और हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में पुष्कर ने दम तोड़ दिया। उनके दो अविवाहित बेटियां और एक बेटा है। तीन बेटियों और एक बेटी की वह शादी कर चुके हैं।
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