बदायूं। नौ साल पहले बनाए गए तीन ब्लॉकों संचालन आज तक नहीं हो सका है। सपा शासन में इन ब्लॉकों का गठन करके अस्थाई भवन में ब्लॉक मुख्यालय संचालित कर दिए गए थे। इनका विधिवत उद्धाटन भी किया गया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इन ब्लॉकों का संचालन नहीं हुआ।
सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम समय में जिले की जनता की मांग पर सालारपुर और जगत के गांवों को मिलाकर बिनावर, आसफपुर व बिसौली ब्लाॅक के गांवों को शामिल करके दबतोरी और सहसवान, इस्लामनगर, दहगवां के गांवों को मिलाकर नाधा विकास खंड कार्यालय बनाया गया था। इन ब्लाॅकों को बनाए जाने के संबंध में 20 दिसंबर 16 को सरकार ने गजट जारी किया था। उस समय पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव बदायूं के सांसद थे। गजट जारी होने के साथ ही प्रदेश सरकार ने तत्काल ही नवसृजति ब्लाॅकों में काम करने के आदेश जारी कर दिए थे। इन ब्लॉकों में शिलान्यास का पत्थर लगा दिया गया। घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने इन ब्लाॅकों में अस्थाई कर्मचारियों की तैनाती कर दी। लेकिन सत्ता बदलने के बाद नवसृजित ब्लाॅकों का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। अब अधिकारियों का कहना है कि इन ब्लाॅकों के बारे में कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
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नाधा को लेकर चल रहा है विवाद
सहसवान, दहगवां और इस्लामनगर के गांवों को शामिल करके बनाए गए नाधा ब्लाॅक को लेकर विवाद भी है। नाधा के स्थान पर बिल्सी-इस्लामनगर रोड स्थित गांव उघैती को ब्लाॅक बनाए जाने की मांग उस क्षेत्र की जनता कर रही है। नाधा और उघैती क्षेत्र के कई लोगों ने प्रशासन को पत्र दिए थे। नाधा में ब्लाॅक मुख्यालय के भवन को भूमि भी उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
भवन निर्माण के लिए भेजा गया था प्रस्ताव
नवसृजित ब्लाॅक मुख्यालय के भवन निर्माण को तीन संस्थाओं की ओर से शासन को धनराशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया था, उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने 276.62 लाख, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने 275.90 और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम बरेली ने 280.96 लाख का प्रस्ताव भवन के लिए भेजा गया था। यह प्रस्ताव शासन स्तर पर आज लंबित हैं।
किस ब्लाॅक में कौन सी न्याय पंचायत हुई थी शामिल
नाधा ब्लाॅक में सहसवान, दहगवां और इस्लामनगर की न्याय पंचायत रियोनाई, खंडुआ, दानपुर, नाधा, शादीपुर, करियामई, ईखखेड़ा, नूरपुर पिनौनी की 58 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। वहीं, समरेर, सालारपुर, जगत ब्लाकों से न्याय पंचायत बिनावर, पुठीसराय, रैपुरा, मलगांव, खुनक, हसनपुर, मझारा की करीब 59 ग्राम पंचायतों को और ब्लाॅक आसफपुर एवं बिसौली की मुसिया नगला, निजामुदीनपुर शाह, पृथ्वीपुर, करखेड़ी की करीब 37 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
कोट,
- नए ब्लॉक मुख्यालय कब बनाए गए, इसकी जानकारी नहीं है। शासन की ओर से इन ब्लाॅकों को संचालित कराने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। शासन की ओर से कोई निर्देश आता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अजय कुमार, जिला विकास अधिकारी
दबतोरी 09 साल पहले बनाया गया था विकास खंड कार्यालय। संवाद- फोटो : credit