कवि सम्मेलन के मंच पर मेधावी छात्राएं सम्मान चिह्न के साथ।संवाद
उसावां। मनकामेश्वर मंदिर प्रांगण में मनकामेश्वर जन सेवा समिति की ओर से कवि सम्मेलन कराया गया। मंच पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र/ छात्राओं को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष समिति के संस्थापक अनिल कृष्ण ने दीप जलाकर की। कवि महेश मिश्रा अग्नि मुख ने वंदना पढ़ी। रामसहाय शूल ने देश भक्ति पर कहा- जान देते हैं जो वतन के लिए, यह तिरंगा है उनके कफ़न के लिए। शिक्षक संतोष कुमार सिंह ने पढ़ा- अगर तुम्हें आतंक मुक्त भारत को सदा निखारना है, तो दिल्ली के सिंहासन पर शेर बिठाकर रखना है।
मध्य प्रदेश के राजा रघुवंशी कांड पर कवि अनेकपाल यादव ने कविता पढ़ी। मनी सिंह गौर ने पढ़ा-न सोने से न हीरे के नगीने से लिखी जाए, नहीं मदमस्त होकर जाम पीने से लिखी जाए, कथनी जिन्दगी की जब भी लिखी जाए मेरे यारों तो वो हर बार मेहनत के पसीने से लिखी जाए। इसके अलावा जगपाल जग, अमित कुमार अंबर, रश्मिरती, रामनरेश यादव ने भी काव्य पाठ किया।
कवियों को माला पहनाकर व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर हाईस्कूल के 24 और इंटरमीडिएट के 11 मेधावियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता वयोवृद्ध कवि रामसहाय शूल ने की। संचालन आदेश कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर अमित कुमार, आयेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, सुधीश कुमार सिंह यादव आदि मौजूद रहे।