बदायूं। जिले इस साल रबी सीजन के दौरान गेहूं की खेती के रकबे में कमी दर्ज की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में 2,33,931 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बोआई हुई थी, जबकि इस बार 1,89,479 हेक्टेयर भूमि पर बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यानी इस बार गेहूं का रकबा 44,452 हेक्टेयर घट जाएगा।
कृषि विभाग दावा कर रहा है कि रकबा घटने के बावजूद उत्पादन में कमी नहीं आएगी, बल्कि प्रति हेक्टेयर उपज बढ़ाने की योजना के तहत किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी विधियों और वैज्ञानिक सलाह के साथ जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, दलहनी फसलों के रकबे में 15.27 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि तिलहनी फसलों में 13.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों का रुझान नकदी फसलों की ओर
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के रुझान में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। कई किसान अब परंपरागत फसलों के बजाय गन्ना, सब्जी, आलू और तिलहन जैसी नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे गेहूं और जौ जैसी फसलों का रकबा लगातार घट रहा है।
जिले में इस बार गेहूं की बोआई का रकबा घटेगा। इस बार दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई ज्यादा होगी। गेहूं की पैदावार पर विशेष असर न पड़े इसके लिए किसानों को वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीकों की भी जानकारी दी जा रही है। - मनोज कुमार, उपकृषि निदेशक