बदायूं। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन वह लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन नगर पालिका के पास पकड़ने की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा शहर के आवारा कुत्तों की संख्या के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं।
पिछले कई दिनों से आवारा कुत्तों पर छिड़ी बहस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना रुख साफ कर दिया है। कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और खुंखार कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं, लेकिन शहर में देखा जाए तो हालात इससे इतर हैं। नगर पालिका के पास न तो कोई पकड़ने की योजना है, न ही नसबंदी की। अधिकारियों का कहना है कि बजट न होने की वजह से कुत्तों को नहीं पकड़ रहे हैं। नगर पालिका के ईओ विवेकमणि त्रिपाठी ने बताया कि कुत्ते पकड़ने के लिए पालिका के पास बजट नहीं है। न ही उनकी गिनती कराई गई।
सहसवान में बाढ़ ड्यूटी में लगे अभियंता को बनाया शिकार
बाढ़ को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग रात दिन तटबंधों की निगरानी में लगे हैं। इसी बीच सहसवान क्षेत्र में बाढ़ की निगरानी को गंगा किनारे पहुंचे। एक जेई को पागल कुत्ते ने बुरी तरह जख्मी कर दिया है। इसकी वजह से वह बाढ़ की निगरानी में जाने लायक नहीं हैं।
-
बाइक सवार का चबाया पैर
बाबा कॉलोनी निवासी एक युवक अपने बच्चे को स्कूल से लेकर घर जा रहा था। रास्ते में आवारा कुत्तों ने इसका पैर चबा लिया। जिससे वह अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने कुत्तों को भगाया, इसके बाद युवक बाइक से अस्पताल पहुंचा और वैक्सीन लगवाई।