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Budaun News: समितियों पर खाद की किल्लत, ओवररेट बिक रही यूरिया-डीएपी

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ग्राम शादीपुर सहकारी समिति के बाहर खड़े किसान। संवाद
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बदायूं। जिले के अधिकारी डीएपी व यूरिया भरपूर मात्रा में होने का दावा कर रहे हैं। इसके बाद भी किसान महंगे दामों में ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। मंगलवार को म्याऊं, जरीफनगर और सैदपुर की सहकारी समितियों की पड़ताल में सामने आया कि इन जगहों पर यूरिया और डीएपी की किल्लत है। किसान ओवररेट में यूरिया और डीएपी खरीद रहे हैं।
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जिले में 132 सहकारी समितियां हैं। इन सभी समितियों पर खाद होने का दावा विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि 2,655 एमटी इफ्को की यूरिया की रैक मंगलवार को जिले में पहुंच गई है, जो दो दिन में समितियों पर पहुंच जाएगी। मंगलवार को जिले की कुछ समितियों की पड़ताल कराई गई तो खाद की किल्लत सामने आई।
सैदपुर निवासी किसान ओमपाल शर्मा और मोहित शर्मा ने बताया है कि बड़े किसान अभी से आलू में होने वाली खपत के लिए यूरिया व डीएपी का स्टॉक करने लगे हैं। छोटे किसानों के नाम पर खाद बड़े किसानों व प्राइवेट दुकानों के संचालकों को बांट दी जाती है, जिससे 80 फीसदी छोटे किसानों को खाद नहीं मिल पाती।
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यही वजह है कि जरूरत पड़ने पर उनको प्राइवेट दुकानों से डीएपी 100 से 150 रुपये व यूरिया पर 50 से 60 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त रुपये देने पड़ रहे हैं। बता दें कि डीएपी का सरकारी दाम 1350 रुपये है। वहीं एनपीके 1400 रुपये और यूरिया 267.50 रुपये में बिक्री होती है। वहीं, विभाग के आंकड़ों में खाद किसानों को बांटी जा रही है। सैदपुर साधन सहकारी समिति के सचिव गुलाब सिंह ने बताया कि सैदपुर समिति पर यूरिया के 90 कट्टे, पोटाश के 100 कट्टे उपलब्ध हैं। लगातार किसानों को खाद वितरण किया जा रहा है।

शादीपुर सहकारी समिति में यूरिया न बंटने पर हुआ हंगामा
जरीफनगर। नगर पंचायत दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के गांव शादीपुर सहकारी समिति गोदाम पर मंगलवार सुबह पांच बजे से ही किसानों की लाइन यूरिया लेने के लिए लग गई थी। जब सुबह नौ बजे से यूरिया बंटनी शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण ने रोड पर हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद किसान खुद ही लौट गए। संवाद


शाहजहांपुर के किसानों को बांट दी डीएपी व यूरिया
म्याऊं। क्षेत्र की सहकारी समिति पर डीएपी के 85 कट्टे स्टॉक में हैं, जबकि यूरिया का स्टॉक 17 अगस्त को आया था, जो उसी दिन बंटकर खत्म हो गया। सचिव राघवेंद्र गिरि ने बताया कि मंगलवार को नई रैक लग रही है। संभावना है कि बुधवार तक खाद समिति पर आ जाएगी। पिछले 15 दिन में यहां चार गाड़ी उर्वरक की आ चुकी हैं। उनका वितरण भी कराया जा चुका है।
किसान ओमेंद्र सिंह ने बताया कि किसान खाद के लिए अब भी भटक रहे हैं। आरोप है कि शाहजहांपुर जिले की सीमा से लगा हुआ है। वहां के किसानों की अधिकांश रिश्तेदारी बदायूं में है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खाद भरकर वहां के किसान ले गए हैं, यही वजह है कि क्षेत्र के किसान डीएपी व यूरिया के लिए भटकने को मजबूर हैं। संवाद



सपा सांसद आदित्य यादव ने मांग के अनुरूप की डीएपी व यूरिया की मांग



बदायूं। सपा सांसद आदित्य यादव ने कृषि, कृषि शिक्षा और कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पत्र भेजा है। मांग की है कि संसदीय क्षेत्र के किसानों को मांग के अनुरूप धान और गन्ना किसानों को डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए। संसदीय क्षेत्र में किसान डीएपी और यूरिया खाद के संकट से जूझ रहा है। साधन सहकारी समितियों से किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पाने से बाजार में दुकानदार पूरा फायदा उठा रहे हैं। संसदीय क्षेत्र की विधानसभा गुन्नौर में खाद की फैक्टरी होने के बाद भी वहां से खाद को अन्य प्रदेशों को भेजा जा रहा है, जबकि जिले का किसान खाद को लेकर परेशान है। संवाद









132 सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध है। कहीं कम तो कहीं भरपूर मात्रा में खाद है। किसान आलू की फसल लगाने के लिए खाद का बड़ा स्टॉक करने में लगे हैं। किसान को फसल के हिसाब से ही खाद दी जा रही है। अगर कहीं बाहर जिले के लोगों को खाद दी गई है तो जांच कराके कार्रवाई करेंगे। डीएपी की रैक मंगवाई जा रही है। यूरिया की रैक मंगलवार को ही जिले में आई है। आलू की फसल लगाने के समय तक भरपूर डीएपी जिले में होगी। - मुन्नालाल मिश्रा, एआर, कोऑपरेटिव

ग्राम शादीपुर सहकारी समिति के बाहर खड़े किसान। संवाद

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