बदायूं। परिषदीय विद्यालयों के विलय की प्रक्रिया के बीच प्राथमिक विद्यालय चंगासी समेत कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। प्राथमिक विद्यालयाें में कमरों की पहले से ही कमी है। कुछ में तो कमरे काफी समय से क्षतिग्रस्त हैं और उपयोग के लायक नहीं हैं।
जिले में 140 विद्यालय को विलय किया जाने का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से दिया जा चुका है। अधिकाश विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या के लिहाज से कक्षाें की व्यवस्था नहीं थी। अब विलय होने के बाद में जब वह छात्र-छात्राएं पहुंचेंगे तो उन्हें बैठाया कहां जाएगा। ऐसे में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने से शिक्षा व्यवस्था और ज्यादा प्रभावित होगी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामअवतार ने बताया कि कई बार विभाग को क्षतिग्रस्त कक्षों के मरम्मत की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। स्थानीय अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाया है और शीघ्र समाधान की मांग की है।
कक्षा चार, पांच एक ही जगह चल रहे
कादरचौक। प्राथमिक विद्यालय इंद्राई से छात्र-छात्राओं को प्राथमिक विद्यालय पचौरीनगला भेजा जाना है। हालांकि यहां पर केवल दो कमरे है। और 85 छात्र-छात्राएं पहले से ही मौजूद है। ऐसे में नए 36 आने वाले छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए जगह नहीं है। वहीं प्राथमिक विद्यालय खर्गी नगला को संविलियन विद्यालय कुड़ाशाहपुर भेजा जा रहा है। यहां पर चार कमरे हैं। और यहां पर 200 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। कक्ष कम होने की वजह से पहले से ही कक्षा चार व पांच को एक ही जगह बैठाया जा रहा था।
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दो कमरों में चल रही पांच की कक्षाएं
कछला। ब्लॉक उझानी क्षेत्र के गांव नूरगंज में चल रहे विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय चंगासी में विलय किया गया है। यह प्राथमिक विद्यालय पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में दूसरे विद्यालय के छात्र-छात्राओं के आने से और ज्यादा परेशानी बढ़ जाएगी। अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं, केवल नए नियमों को लागू कर रहे हैं।
वर्जन
अगर कहीं पर कोई दिक्कत है। तो नियमानुसार उनका निस्तारण कराया जाएगा। जिससे किसी को कोई परेशानी न हो।
वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
प्राथमिक विद्यालय चौसिंगा। संवाद