बदायूं। जिले में बड़ी संख्या में टेक्नीशियन की कमी होने की वजह से कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर नियमित रूप से एक्सरे की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही। सीएमओ जुगाड़ से किसी तरह काम चला रहे हैं, लेकिन इस व्यवस्था से मरीजों को बहुत लाभ नहीं मिल पा रहा। मरीज एक्सरे कराने के लिए निजी सेंटरों या फिर 50 किमी दूर जिला अस्पताल बदायूं जाने के लिए मजबूर हैं। वहीं सीएमओ को ओर से लगातार शासन को पत्राचार कर एक्सरे टेक्नीशियन की मांग की जा रही है।
सरकार द्वारा मरीजों को दी जाने वाली निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार इजाफा किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति अपना ठीक तरह से इलाज करवा सकें। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर सीएचसी और पीएचसी बनाई गईं हैं। जिले की कादरचौक सीएचसी में सालभर पहले एक्सरे मशीन आ गई थी। कोई एक्सरे टेक्नीशियन न होने की वजह से मरीजों की इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में मरीजों को एक्सरे कराने के लिए निजी सेंटर या फिर बदायूं जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
इसी तरह सीएचसी रुदायन (पूर्व में इस्लामनगर सीएचसी) में एक्सरे मशीन न होने की वजह से मरीजों को भटकना पड़ रहा है। वहीं, आसफपुर सीएचसी में सप्ताह में तीन दिन ही एक्सरे की सुविधा मिल पा रही है, जबकि यहां के एक्सरे टेक्नीशियन सप्ताह में तीन दिन बिसौली सीएचसी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उसावां सीएचसी में भी एक्सरे टेक्नीशियन तीन दिन ही एक्सरे करते हैं। सप्ताह के तीन अन्य दिन उन्हें म्याउं सीएचसी में एक्सरे के लिए संबद्ध कर दिया गया है।
डार्क रूम सहायक सीएमओ कार्यालय से किए गए संबद्ध
जिले का सहसवान ब्लॉक आबादी के हिसाब से बड़ा है। यहां पर एक ही एक्सरे टेक्नीशियन कृष्णवल्लभ चतुर्वेदी की तैनाती है, जबकि यहां के डॉर्क रूम सहायक सुनील कुमार सक्सेना को जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। ऐसी स्थिति में जिस दिन भीड़ ज्यादा होती है तो एक्सरे टेक्नीशियन को परेशानियों का सामना करना पड़ता।
रुदायन सीएचसी में एक्सरे न होने से मरीजों को काफी समस्या हो रही है। कई बार हमने भी निजी सेंटर से 600 रुपये देकर एक्सरे कराया है। प्रशासन से मांग है कि जल्द ही यहां मशीन उपलब्ध कराई जाए। -सोहित गुप्ता, रुदायन
उसावां सीएचसी में सातों दिन एक्सरे की सुविधा होनी चाहिए। अभी सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को ही होते हैं, इस वजह से अन्य दिनों में मरीजों को वापस होना पड़ता। इस वजह से परेशानी होती है। -दिनेश चंद्र मिश्रा, उसावां
एक्सरे टेक्नीशियन की कमी के बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। उनकी मांग को लेकर शासन में पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही टेक्नीशियन मिलेंगे। -डॉ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
सहसवान सीएचसी में एक्सरे करते टेक्निशियन। स्रोत स्वास्थ्य विभाग- फोटो : संवाद
सहसवान सीएचसी में एक्सरे करते टेक्निशियन। स्रोत स्वास्थ्य विभाग- फोटो : संवाद
सहसवान सीएचसी में एक्सरे करते टेक्निशियन। स्रोत स्वास्थ्य विभाग- फोटो : संवाद