शिव पुरम में काव्य गोष्टी में काव्य पाठ करतीं कवियत्री। स्रोत-स्वयं
बदायूं। जन दृष्टि व्यवस्था सुधार मिशन के प्रकल्प भारतीय हिंदी सेवी पंचायत की ओर से मोहल्ला शिवपुरम में विचार-संगोष्ठी और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवयित्री सुनीता मिश्रा ने सरस्वती वंदना के बाद पहलगाम आतंकी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
डाॅ. कमला माहेश्वरी ने सुनाया कि सीने में आग धधकती है, अब क्षम्य नहीं कर पाएंगे, मारा निर्दोष निहत्थों को, नि:शब्द छोड़ नहीं पाएंगे। राजवीर सिंह तरंग ने पढ़ा कि बहे नयन से नीर, विलख जन मानस रोता। देख विधर्मी कृत्य, मनुज अब धीरज खोता। मधुप्रिया चौहान ने पढ़ा कि कहां सो गए जाग जरा अब, शूरवीर भारत के लाल। कत्ल हो रहा मानवता का, दानव बन बैठा है काल। इस अवसर पर एमएल गुप्ता, सुनीता मिश्रा, सुरेश पाल सिंह, प्यारे लाल, रामगोपाल, अखिलेश सिंह, सुशील कुमार सिंह आदि ने भी कविता पाठ किया। साथ ही आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।