नवादा चौराहे पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
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बदायूं। जिले में शाम 5:30 बजे के बाद लोकल मार्ग बिसौली, बिल्सी, दातागंज आदि के लिए बसें नहीं हैं। इससे यहां जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। मजबूरी में उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
जिले से 30 रोडवेज बसें महाकुंभ में चली गईं हैं। ऐसे में जिले के लोग डग्गामार वाहन से ही जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। नवादा चौराहे पर बस का इंतजार कर रहे बिसौली निवासी रामप्रकाश ने बताया कि एक घंटे से रोडवेज बस का इंतजार कर रहे हैं। टेंपो चालक सौ रुपये सवारी मांग रहे हैं, जबकि बस का किराया मात्र 52 रुपये ही है।
इसके बाद भी टेंपो को सात से आठ सवारी मिले तब जाएगा। घारमपुर के रहने वाले वीरपाल ने बताया कि रोडवेज बसों की कमी के चलते डग्गामार वाहनों से आना जाना हो रहा है। ओरछी से दूने समय में टेंपो ने बदायूं पहुंचाया। अब वापस जाने के लिए बस नहीं है। बताया जा रहा है कि रात आठ बजे के बाद तो डग्गामार ही सहारा रह जाता है। अब टेंपो से ही जाना पड़ेगा।
जिला मुख्यालय से लोकल रूट बिसौली, वजीरगंज, कुंवरगांव, दातागंज, उसावां, उसहैत, ककराला, अलापुर कादरचौक आदि स्थानों के लिए रोडवेज की बसें नहीं मिल पा रहीं हैं। ऐसे में यात्रियों को डग्गामार वाहनों से ही सफर करना पड़ रहा है।
महाशिवरात्रि के बाद 27 फरवरी तक बसें लौट आएंगी। दो दिन के बाद लोकल रूट पर रात नौ बजे तक किसी यात्री को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसी को कोई समस्या है तो मुझसे संपर्क कर सकते हैं। - अजय कुमार, एआरएम