यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की उर्दू की परीक्षा में सोमवार को ऐसी घटना सामने आई जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। राजकीय इंटर कॉलेज गभियाई में परीक्षा के दौरान छापा मारने पहुंचे सचल दल को पेपर के दौरान छात्रों को नकल करते पकड़ा गया। लेकिन केंद्र व्यवस्थापक की विभाग में अच्छी पैठ और रूतबे के चलते सचल दल ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस प्रकरण में डीआईओएए से पूछने पर उन्होंने बताय कि मेरे संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं है यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराई जायेगी।
सोमवार को जिले में हाईस्कूल की उर्दू विषय और द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान की परीक्षा थी। परीक्षा को नकलविहिन कराने के लिए विभाग की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन जिले के कुछ परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल हो रही है। जिले के गभियाई स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में सामूहिक नकल की सूचना मिली। जिस पर डीआईओएस ने तुरंत ही विद्यालय में जांच को एक टीम भेज दी। जांच टीम के पहुंचने पर विद्यालय में बच्चे अपने जगह से अव्यवस्थित मिले। जिस पर सचल दल ने कार्रवाई का मन बनाया। लेकिन विद्यालय के केंद्र व्यवस्थापक की विभाग पहुंच के आगे सचल दल नसमस्तक हो गया और बेरंग लौट आया। सचल दल के विद्यालय से बिना किसी कार्रवाई के लौटने की खबर तेजी से फैल गई। डीआईओएस बीना यादव से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ हुआ है तो जांच कराई जायेगी और संबधित विद्यालय और व्यक्ति पर कार्रवाई की जायेगी।
सुबह की पाली में हाईस्कूल उर्दू और द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान का पेपर था। किसी केंद्र पर सचल दलों को कोई भी नकलची नहीं मिला। बदनाम केंद्रों पर सुबह से ही विभागीय अधिकारियों के साथ ही सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पहुंचने शुरु हो गए। डीआईओएस कार्यालय स्थित कंट्रोलरूम से मिली जानकारी के अनुसार हाईस्कूल उर्दू में 1059 परीक्षार्थी पंजीकृत थे जिनमें 950 परीक्षा में शामिल हुए। 109 परीक्षार्थी नदारद रहे। इंटरमीडिएट के द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान का पेपर था जिसका डाटा कंट्रोल रूम से देर रात में उपलब्ध हो पायेगा।
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छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
बदायूं। युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन के जिला संयोजक योगेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि जब से यहां पर डीआईओएस ने चार्ज संभाला है तब से छात्रों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ीं हैं। पत्र में बोर्ड परीक्षा में कुछ ऐसे विद्यालयों को केंद्र बना दिया है जहां पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। नकल को बदनाम भी रहे हैं।