गांव कदमनगला में गंगा की लहरें कटान करती हुई। संवाद
उसहैत। चार दिन लगातार जलस्तर बढ़ने के बाद बुधवार को गंगा नदी के जलस्तर में सात सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन बाढ़ ग्रस्त गांवों में दुश्वारियां कम नहीं हुईं। गंगा की लहरों से भू-कटान तेज हो गया है।
बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर 162.48 गेज मीटर रिकाॅर्ड किया गया, जो चार दिनों से सात सेंटीमीटर कम है। कदम नगला गांव में अभी कटान जारी है। मंगलवार को भी दो मकान गंगा में कट गए। ग्रामीण गांव छोड़ पहले ही जा चुके हैं, कुछ गांव में रह रहे हैं तो वे गांव के बाहर सड़क पर अस्थाई तंबू बनाकर रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से एक बार राशन वितरण कराया जा चुका है। भुंडी ग्राम में पांच दिनों से कटान हो रहा है। 250 बीघा तक खेत गंगा में समा चुके हैं। किसानों को सरकार से मुआवजे का इंतजार है, लेकिन उच्चाधिकारियों ने मुआवजे को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
कदमनगला में जिन ग्रामीणों को नुकसान हुआ है, उनको मुआवजा राशि दी जा रही है। यहां सात परिवार तंबू बनाकर रह रहे हैं। लोगों ने बताया कि मच्छर और कीट इत्यादि से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सड़क किनारे चूल्हा लगाकर खाना बना रहे हैं। पशुओं को भी सड़क किनारे बांधा है। फिलहाल पशुओं के लिए कुछ दिन का भूसा शेष है। प्रशासन से एक बार राशन मिला है, लेकिन पशुओं के लिए भूसा या चारे की व्यवस्था नहीं की गई। इधर, एसडीएम दातागंज विनोद कुमार ने बताया कि पानी अभी कम है, सिर्फ कदमनगला में समस्या है, यहां जिन लोगों के मकान कटे हैं, उनको आर्थिक मदद की जा रही है, तीन परिवारों को आर्थिक मदद दी जा चुकी है। शेष की भी मदद दी जाएगी।
गांव कदमनगला में गंगा की लहरें कटान करती हुई। संवाद