बदायूं/बरेली। इस्लामनगर थाना क्षेत्र में बरेली के सिरौली इलाके के दो तस्करों समेत तीन को अफीम समेत पकड़ने और आठ लाख रुपये लेकर छोड़ने का मामला गरमा गया है।
गांव में रातभर चंदा करके जुटाई गई रकम फंसने के डर से देनदार भी आरोपियों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। एसएसपी ने सीओ बिल्सी को जांच सौंपी है। थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, इस्लामनगर थाने के दो चर्चित सिपाही काफी दिनों से वहीं डटे हैं। इन्हीं ने ग्राहक बनकर सिरौली इलाके के तस्करों से अफीम का सौदा किया था। इन दो तस्करों के साथ बदायूं के दबतोरी गांव का युवक भी वहां गया था। एक दरोगा के साथ दोनों सिपाहियों ने तीनों को करीब डेढ़ किलो अफीम के साथ पकड़ लिया। उन्हें पिछले गेट से थाना स्थित अपने आवास में लाकर सौदा किया।
शिवपुरी गांव निवासी एक शिक्षक के बेटे ने आरोपियों को छोड़ने के लिए आठ लाख रुपये में सौदा किया। रकम ऑनलाइन देने की पेशकश की, लेकिन इस्लामनगर पुलिस तैयार नहीं हुई। फिर पूरे गांव में चंदा कर नकदी जुटाई गई। गांव से कई गाड़ियों में भरकर लोग इस्लामनगर थाने पहुंचे और आठ लाख रुपये देकर तीनों को छुड़ा लाए।
आरोपियों और मददगारों में दहशत : दोनों आरोपी शिवपुरी गांव में अपने घर आकर भी चैन से नहीं हैं। वह अफीम व आठ लाख रुपये देकर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनको छुड़ाने वाले बरेली पुलिस के रडार पर हैं। बताया जा रहा है कि सिपाहियों के अलावा कार्रवाई में शामिल दरोगा को इस सौदे में से एक धेला भी नहीं मिला तो उसने ही सूचना लीक कर दी। चर्चा ये भी है कि थाना प्रभारी से लेकर कई अन्य अधिकारियों को भी मामले की पूरी जानकारी थी और इंटरनेट कॉल पर बातचीत होती रही।