बदायूं। महिला अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की भीड़ रही। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी, लेकिन वहां सेंटर पर ताला लटका देख वह मायूस हो गईं। एक से दो घंटे तक मरीजों ने डॉक्टर के आने का इंतजार किया। बाद में पता लगा कि डाॅक्टर नहीं हैं, इस वजह से अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकेंगे।
महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। करीब दो साल पहले डॉ. इंदुकांत वर्मा सीएमएस के पद पर तैनात हुए। वह रेडियोलॉजी है। इसलिए वह प्रशासनिक काम के साथ ही अल्ट्रासाउंड भी करते हैं। मंगलवार को वह सरकारी कार्य से जनपद से बाहर गए। इसलिए सेंटर ताला लटका रहा। कई गर्भवती तो एक से दो घंटे तक ताला खुलने के इंतजार में बैठी रहीं। तालाबंद होने की वजह से 100 से ज्यादा महिलाओं को वापस होना पड़ा। इनमें से कई महिलाओं ने निजी सेंटर में जाकर 500 से 1000 देकर अल्ट्रासाउंड कराया।
बोले मरीज-
25 किलोमीटर दूर से आए, लटका मिला ताला
- वजीरगंज के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने का पर्चा लिखा था। 25 किलोमीटर दूर हतरा गांव से जांच कराने आए हैं। यहां ताला लटका है। पूछने पर बताया है कि डॉक्टर नहीं है, इसलिए अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। अब निजी अस्पताल में जांच कराना पड़ेगा। - हसीना, मरीज
बिना जांच के नहीं मिलेगी दवा
सिविल लाइंस से सुबह 10 बजे आ गए। मरीजों की लंबी लाइन थी। दो घंटे में डॉक्टर को दिखा सके। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की जांच कराने को सलाह दी। जांच कराने आए तो सेंटर में ताला लगा मिला। बिना जांच के डॉक्टर दवा नहीं दे रहीं हैं। - सौम्या, मरीज
कोट,
- सरकारी काम से शहर से बाहर हूं। यहां पर कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। मरीज परेशान न हो इसलिए मैं अल्ट्रासाउंड करता हूं। बाहर जाने की वजह से मरीजों को दिक्कत हुई है। शासन से रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। - डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल
महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लटका ताला। संवाद
महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लटका ताला। संवाद
महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लटका ताला। संवाद