आसिम सिद्दीकी मेमोरियल डिग्री कॉलेज में चल रहे पांच दिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन प्रशिक्षुओं ने झंडी संकेत, प्राथमिक उपचार करना सीखा और खोज के चिह्नों की सहायता से एतिहासिक, धार्मिक और दर्शनीय तीर्थ स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान सागरताल, सूर्य कुंड, गुरुकुल और शाहजहां की पत्नी मुमताज महल की छोटी बहन अरजुमंद बानो के मकबरे पर गए। नक्शा तैयार कर हाइक रिपोर्ट तैयार की।
शिविर संचालक जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चे शिक्षकों के नेतृत्व में अपनी प्रतिभा को निखारें। सृजन का कार्य करना न भूलें। महाविद्यालय के प्रबंधक जोहेब अली सैय्यद ने कहा कि युवा श्रेष्ठ कार्यों से अपने भाग्य को बदलें और ऊंचाइयों पर पहुंचें। प्राचार्य डॉ. नजीबुल हसन खां ने शिविर का निरीक्षण किया। बीएड प्रशिक्षुओं ने डॉ. आशुतोष शर्मा और प्रोफेसर साफिया के नेतृत्व में खोज के चिन्हों की सहायता से रास्ते तलाशे। प्रशिक्षुओं ने एतिहासिक स्थलों को देखा और वहां से जानकारियां हासिल कीं। प्रोफेसर परमेंद्र कुमार वर्मा ने इन स्थलों की जानकारी दी।
इस मौके पर आलजमा, सर्वेश कुमारी, हिना नाजरीन, शीरी खालिद, इफ्फत खान, समरा खान, रीबा हसन, वजीहा उमर, ममता, पिंकी, फरहा खातून, गुलिस्तां बी, नीलम शर्मा, पूनम सागर, फरहीन बानो, जफर आदि मौजूद रहे।