उझानी/ कछला। गंगा में नहाते समय शनिवार पूर्वाह्न मथुरा निवासी युवक मयंक बह गया था। एसएसपी के बुलावे पर आई एसडीआरएफ की टीम ने मोटरवोट के जरिये सुबह से ही खोजबीन शुरू कर दी। टीम को शाम तक सफलता नहीं मिल पाने से लापता किशोर के परिजन बदहवास हैं।
बरेली से एसडीआरएफ की आठ सदस्यीय टीम कछला गंगाघाट पर रविवार सुबह करीब आठ बजे पहुंची। एसडीआरएफ के उप निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम ने घाट पर पहले से मौजूद मथुरा में छटीकरा निवासी 17 वर्षीय मयंक के परिजनों से हादसा स्थल के बारे में जानकारी की, फिर मोटरवोट के जरिये गंगा में खोजबीन शुरू कर दी।
गंगा में करीब पांच किलोमीटर तक खोजबीन के दौरान एसडीआरएफ को सफलता नहीं मिल पाई है। बह जाने से लापता मयंक के परिजनों को उसके जिंदा होने की उम्मीद टूटती जा रही है। खोजी अभियान के दौरान मयंक के परिजन भी गंगा किनारे घूमते नजर आए।
एसडीआरएफ के उप निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि गंगा में कई स्थानों पर गहराई अधिक है। बहाव तेज होने से हालांकि टीम के सदस्यों को कोई दिक्कत नहीं आई, लेकिन मयंक के दूर तक बह जाने की आशंका बनी हुई है। बता दें कि मयंक अपने परिजनों के साथ शनिवार पूर्वाह्न गंगाघाट पर आया था। मयंक के साथ परिवार का ही गर्भ (18) पुत्र वीरेंद्र भी बह गया था, उसी दौरान शोरगुल मच जाने पर घाट पर मौजूद नाविकों और गोताखोरों ने गर्भ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। पेट में पानी भर जाने की वजह से परिजनों को गर्भ का प्राथमिक उपचार भी कराना पड़ा था।
एसएसपी ने देर रात ही एसडीआरएफ के अफसरों से कर ली थी बात
मथुरा जिले के छटीकरा निवासी मयंक के गंगा में बह जाने के बाद जब शनिवार शाम तक प्राइवेट गोताखोरों और नाविकों को सफलता नहीं मिली तो प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक ने पुलिस के आला अफसरों से एसडीआरएफ को बुलाने का आग्रह किया था। इसके बाद एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने एसडीआरएफ के अफसरों से रात में वार्ता कर रविवार सुबह टीम को बुला लिया।
बदहवास परिजन बोले- मेरे लाल को खोज लाओ
कछला गंगाघाट पर नहाते समय बहे मयंक के परिजन शनिवार दोपहर से ही बदहवास हैं। वह कभी प्राइवेट गोताखोरों से जानकारी करने लगते हैं तो कभी पुलिस कर्मियों के पास नजर आते हैं। पिता इंद्रभान और मां लक्ष्मी देवी का तो हादसे के बाद से बुरा हाल है। जो भी उनके पास आकर जानकारी करने की कोशिश करता है तो दोनों ही कहने लगते हैं कि कुछ भी करो- मेरे लाल को खोज लाओ। माता-पिता के साथ परिवार के लोगों में मयंक के ताऊ वीरेंद्र तिवारी और नाना इंद्रजीत शर्मा भी हैं।
कछला घाट पर मौजूद एसडीआरएफ व परिजन। संवाद