नगर पालिका की ओर से शुरू कराया गया क्लोरीन डोजर। संवाद
बदायूं। नगर पालिका परिषद की ओर से लंबे समय से शहर में बिना किसी नियमित जांच के पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। इस गंभीर लापरवाही को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया है। इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों से पानी के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि प्रयोगशाला में उनकी जांच कराई जा सके और पानी की गुणवत्ता बेहतर की जा सके।
नगर पालिका की टीम ने ओवरहेड टैंक, हैंडपंप और नलों से पानी के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पानी पीने योग्य है या नहीं।
नगर पालिका के ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्थान पर पानी दूषित पाया गया तो वहां सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़े क्लोरीन डोजर को भी शुरू करा दिया गया है। ताकि पानी को कीटाणुरहित किया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब नियमित अंतराल पर पानी के नमूने लिए जाएंगे और क्लोरीन डोजर को लगातार चालू रखा जाएगा, जिससे शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।