पिछले सप्ताह में तापमान ने जो तेजी पकड़ी है, वह बरकरार है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही चल रहा है। इसके साथ तेज हवाओं की जुगलबंदी आग में घी काम कर रही है। सुबह दस बजे ही गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना भी दूभर है।
सोमवार को तापमान 43 डिग्री रहा। पक्के मकान तपते रहे। पंखे-कूलर भी गर्म हवा फेंकते रहे। लोग गर्मी के मारे पसीना-पसीना थे। हलक सूखने पर बार-बार पानी ही एकमात्र सहारा था। गर्म हवाओं के कारण कूलर का पानी जल्दी ही सूखने लगा। लोग गर्मी में व्याकुल दिखे। हालत ये हो गई कि लोग बिना अंगोछा-कैप के निकल नहीं सके। यात्रियों को भी पानी की बोतल के साथ सफर करना पड़ा। गर्मी के कारण बाजारों में जहां अन्य दिनों में रौनक रहती थी, वहां सन्नाटा पसरा था। लोग बाइक और खुली गाड़ियों से चलने से कतराए। कोल्ड ड्रिंक की दुकानों और स्टालों पर भीड़ नजर आई।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आमद हुई कम
तपती दोपहरी में अब देहात के लोग भी बाहर निकलने से गुरेज करने लगे हैं। सामान्य मौसम में शहर और कस्बों से लगे गांव के लोग लगभग रोज ही शहर आते रहे हैं। गर्मी के कारण उन्होंने भी शहर कस्बों की बाजार करने से परहेज किया। बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकले।