तहसील क्षेत्र के गांव परौली में भूमि चयनित
अधिकांश जिलों मेें एक कृषि विज्ञान केंद्र ही खोला जाता है, लेकिन जिले में दूसरा केंद्र तहसील में खोला जाना जिले के लोगों के लिए भी खुशी की बात है। समाधान दिवस में पहुंचे डीएम शंभूनाथ ने यह जानकारी दी तो वहां मौजूद किसानों के चेहरे खिल उठे। बताया कि इस केंद्र के खोले जाने से बिल्सी एवं बिसौली तहसीलों के साथ ही जिले के किसान भी लाभान्वित होंगे। यह केंद्र चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अधीन खोला जाएगा, जिसके लिए परोली गांव में जमीन चयनित कर ली गई है। कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने के लिए 50 एकड़ भूमि चाहिए, जबकि वहां भूमि 20 एकड़ है।
इसके लिए डीएम ने चकबंदी अधिकारी राकेश बाबू शर्मा को ग्राम सभा की भूमि भी यहीं एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इस केंद्र को खोले जाने के लिए भूमि को लेकर नियमों में कुछ शिथिलता भी मिलेगी, जिससे 50 एकड़ से कम भूमि के बावजूद केंद्र खोला जा सकेगा। इस केंद्र में फसलों के उन्नतशील बीजों का निर्माण किया जाएगा। यहां वैज्ञानिकों के साथ पूरे स्टॉफ के रहने की व्यवस्था होगी इसके लिए उपयोगहीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के खाली पड़े आवासीय परिसर को चयनित किया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान मोहम्मद जमीर, लालबहादुर सिंह यादव, प्रधान पुत्र तहजीब बाबू, मनोज शर्मा, किसान विपिन शर्मा आदि मौजूद रहे।