शहरी क्षेत्र के स्कूलों में किया जाएगा अटैच्ड
बेसिक शिक्षा में सुधार किए जाने के लिए अब बीएसए ने अधिकारियों की शिक्षक पत्नियों की सूची मांगी है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को भी सूची बनाकर देने के निर्देश दिए हैं। चर्चा इस बात की है कि कई अधिकारियों की पत्नियां हैं, जो रहने वाले जिले की सीमाओं के नजदीक बदायूं जिले के स्कूलों में तैनात हैं। इस बात की निरंतर शिकायतें आती रही हैं कि ये अपने अधिकारी पति का प्रधानाध्यापक के साथ ही अन्य अधिकारियों पर रौब गालिब कर अपनी मनमर्जी से स्कूल आती-जाती हैं। इसे बीएसए ने गंभीरता से लिया है। बीएसएआनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि हर शिक्षक पूरी ईमानदारी से अपने काम को अंजाम दें। वजह है कि समाज की नजर हर शिक्षक पर है। मैं नहीं चाहता कि किसी शिक्षक पर कोई अंगुली उठाए। शिकायतें मिली हैं, तो ऐसी शिक्षिकाओं की सूची बनवाई जा रही है। अगर सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
रिकार्ड उपलब्ध न कराने पर प्रधानाध्यापिका निलंबित
बदायूं। बेसिक स्कूलों के बच्चों की दी जाने वाली नि:शुल्क यूनिफार्म वितरण का रिकार्ड उपलब्ध न करा पाने पर एक प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। अब तक एक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर ड्रेस वितरण के मामले में गाज गिर चुकी है।
बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि विकास खंड सहसवान क्षेत्र के गांव खंदक स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुमनलता को सस्पेंड किया गया है। आरोप है कि मंडल स्तरीय जनपदीय टास्क फोर्स द्वारा किए गए निरीक्षण में यूनिफार्म क्रय, वितरण, स्टाक प्रविष्टि आदि से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए।