बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बच्ची की मौत के मामले में दूसरी जांच भी पूरी हो चुकी है। 18 नवंबर को जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की कार्रवाई होनी थी, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे साफ है कि दोषियों को बचाने में जिम्मेदार लगे हैं। अब जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 23 अक्तूबर को इलाज के अभाव में मूसाझाग की दस साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया था। बच्ची के गले में इंफेक्शन था। डीएम के आदेश के बाद टीम ने ओपीडी के चार डॉक्टरों पर कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे तो दोबारा जांच कराई गई। जांच के लिए दूसरी कमेटी बनाई गई।
बताते हैं कि दूसरी जांच भी पूरी हो गई है। सोमवार को जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। माना जा रहा था कि अब जांच रिपोर्ट के आधार पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। जांच पर सभी की निगाहे टिकी हुई हैं। बच्ची के पिता को जांच की एक प्रति देनी थी वह भी नहीं दी गई है। कार्रवाई न होने से मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं।